स्नेह का बंधन – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi
कल तक अम्मा के चेहरे पर बड़ी सी बिंदी सिंदूर की गाढ़ी रेखा लाल चूड़ियों से भरी कलाई पैर में पायल बिछिया और महावार और सीधे पल्ले की कभी लाल पीली हरी साड़ी उनके मुख मंडल की आभा को द्विगुणित कर रही थी, आज दस दिनों तक जीवन मृत्यु के बीच चलने वाली रस्साकसी में … Read more