टका सा मुंह लेकर रह जाना – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

अन्वी और सिद्धार्थ ने नई सोसाइटी में घर लिया तो सुधा जी अपने बेटे बहू के पास आ गई थी। बेटे बहू के ऑफिस जाने के बाद सुधा जी अकेली रहती तो जल्दी ही  पड़ोस वाली संध्या जी से उनकी दोस्ती हो गई। संध्या जी की एक बुरी आदत थी कि वह कभी भी कुछ … Read more

समझदारी – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

पैकर्स के गाड़ी की हॉर्न सुनकर दौड़कर  साढ़े तीन साल का सौरव बाहर आ गया ,देखिए दादाजी हमारी गाड़ी आ गई ,कहकर तालियाँ बजाने लगा ।  सुबोध जी  पोता को खुश होते देखकर भी खुश नहीं हो पाए । अनामिका दूसरे नम्बर की बहू है ,वो स्वभाव से बहुत अच्छी थी ,किंतु दीवार की शादी … Read more

बन्धन नेह का – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

इति एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रही थी।  उसका वर्क फ्रॉम होम चल रहा था। माता-पिता की इकलौती संतान होने के कारण बहुत ही नाजों से पली थी। बेटी विवाह योग्य होने पर  किसी भी माता-पिता का उसके विवाह के लिए चिंतित होना लाजिमी हैं। चाहे बेटी नौकरी करती हो, या घर में रहती … Read more

निपुण ही चमकते हैं – जया शर्मा प्रियंवदा : Moral Stories in Hindi

दिवाकर जी ने अपने बेटे राहुल का अपनी पहुंच और पैसे के लेनदेन से अच्छे स्कूल में एडमिशन करवा दिया और सोचा अच्छे स्कूल की स्टैंडर्ड की पढ़ाई से उनका बेटा जरूर ऊंचे पद पर पहुंचकर भविष्य में उनका नाम रोशन करेगा,इसी सोच में उनके भीतर घमंड ने भी पैर फैलाना शुरू कर दिए , … Read more

परम संतोष – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

   राधा चाची रसोई में काम करने के साथ-साथ बड़बड़ाती जा रही थीं , ‘ऐसे अनाड़ी के पल्ले से बांधी गई हूँ कि सेहत ठीक हो या न हो, रसोई मेें तो हमें ही खटना पड़ेगा।हमारे साथ की सारी सहेलियों के पति और दूर क्यों जाएं रिश्ते- नातों में ही देख लो, आजकल सब आदमी रसोई … Read more

मैं नौकरानी नहीं हूं – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

 मानवी अपना लैपटॉप का चार्जर ढूंढ रही थी और सीमा को गुस्से में चिल्ला रही थी.. मुझे लैपटॉप का चार्जर भी नहीं दिख रहा है… तभी सीमा ने कहा- कि दीदी मैंने उसे अलमारी के अंदर रख दिया था। सीमा ने कहा तुम्हें किसने कहा था? उसे अलमारी के अंदर रखने के लिए अरे !दीदी … Read more

अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

अरे सुहानी , आज स्कूल से आने में इतनी देर कैसे हो गई ?? राजू आज तो जिद पर ही अड़ गया था कह रहा था मम्मी जब तक नहीं आएगी तब तक खाना नहीं खाऊंगा , ना कपड़े बदलने तैयार था और ना खाना खाने ! बड़ी मुश्किल से मैंने और नैना से समझा … Read more

पैसे का सदुपयोग – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” भाभी…आप इन लोगों को इतना सिर पर मत चढ़ाइये..कहीं ऐसा न हो कि जब आपको ज़रूरत पड़े तब ये मना कर दे और आप#टका-सा मुँह लेकर रह जाएँ…।” ननद नंदा की बात सुनकर निधि कुछ नहीं बोली, बस मुस्कुराते हुए उसके कंधे पर अपना हाथ रख दी।       निधि का पति सुमेश सरकारी नौकरी करता … Read more

बहू को कभी बहू न समझा…!!! – विनोद सिन्हा “सुदामा“ : Moral Stories in Hindi

लिजिए मां जी आपकी अदरक वाली चाय… गर्म चाय की कप सास के सामने पड़ी छोटी टेबल पर रख कर स्मृति मन ही मन भुनभुनाते हुए रसोई में जाने लगी.. “कभी बहू का हक नहीं मिला मुझे…” “जब देखो तब खाली पीली हुक्म चलाती रहती है” बेटी जरा यहां आना,बेटी जरा ये कर देना वो … Read more

अनमोल उपहार – जया शर्मा प्रियंवदा : Moral Stories in Hindi

वर्मा जी की गिनती शहर के अमीर लोगों में हुआ करती थी वर्मा जी की बर्तन बनाने की फैक्ट्री थी, और वह अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए अक्सर छोटे-मोटे आयोजन किया करते रहते। वर्मा जी के पिता जी ने शहर में काफी बड़ी हवेली बनवाई और मंदिर के साथ ही धर्मशाला भी जहाँ हर पूर्णिमा … Read more

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