अनमोल उपहार – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

सीमा क्या आजकल तुम्हारे स्कूल में छुट्टियां चल रही हैं तुम रोज मम्मी के साथ आ रही हो स्कूल नहीं जाती क्या। यह सुन सीमा की आंखें डबडबा आईं और कुछ नहीं बोली। अरे बोल क्यों नहीं जाती क्या हुआ। सीमा जोर -जोर हिचकियां ले रोने लगी। रागीनी जी घबरा गईं ये क्या हुआ इसे … Read more

“भाभीजी का स्पेस स्टेशन” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

   आज के स्त्री विरोधी युग में सुनीता विलियम्स  ‘अंतरिक्ष परी’  जब से आसमान में अपना परचम लहरा कर वापस लौटी है  तब से खासकर भारत की महिलाओं के बीच क्रांति छा गई है। चारो तरफ महिलाओं के महिमा मंडन का डंका बज रहा है।  घर -घर में हर माँ बाप अपनी बेटियों को नसीहते दे … Read more

पश्चाताप – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

कमरे की छत से पानी टपक रहा था, ज्योति कभी एक तरफ बर्तन रखती, तो कभी दूसरी ओर… न तो बारिश रूक रही थी और न ही उसके पास और बर्तन बचे थे, जिसे वो टपकते हुए पानी के नीचे लगा दे। हे भगवान! अब तो रहम करो, कब तक बरसोगे। ऐसा लग रहा हैं … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

सोहम अपने दोस्तों के साथ गली के मोड़ पर खड़े होकर लगातार बाइक का हॉर्न बजाता रहा, “नव्या अपने छोटे भाई का हाथ कसकर पकड़ते हुए बिना इधरउधर देखे, तेज कदमों से घर की ओर जाने लगी।” क्या यार, इतनी मेहनत करने का… आधा घंटे तक तो इस चिलचिलाती धूप में खड़े, इंतजार करते रहे … Read more

टका-सा मुंह लेकर रह जाना – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

आज रंगोली के नए ऑफ़िस का पहला दिन था, बहुत खुश थी वो। जाकर सबसे मिली तो लगा, वाह सभी काफ़ी अनुभवी लोग हैं,उसे सीखने को काफी कुछ मिलेगा। बातूनी और चुलबुले स्वभाव के कारण वह जल्दी ही सबसे घुल मिल गई। उन पांच लोगों की टीम में उसकी दोस्ती सबसे हो गई थी,ऊपर से … Read more

टका-सा मुॅंह लेकर रह जाना – डॉक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

प्राचीनकाल में  किसी जंगल में नदी किनारे एक जामुन  के पेड़ पर एक बंदर रहता था।बंदर उस पेड़ के मीठे-मीठे जामुन खाता और अपने दिन आराम से बिताता, परन्तु उस बंदर के दिल में एक ही मलाल था कि उस निर्जन वन में उसका कोई दोस्त नहीं था।अकेलेपन के कारण बंदर कभी-कभी उदास हो जाता … Read more

नाजों पली – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कॉलोनी के पार्क मे सुबह आसपास के काफी लोग आया करते थे । ज्यादातर बड़े बूढ़े वहाँ थोड़ा घूम कर बतियाने लगते , जवान दौड़ लगाते या व्यायाम करते और बच्चे साइकिल चलाते या कुछ ना कुछ खेल खेलते ।  ऐसे ही एक सुबह बड़े बूढ़े आपस मे बतिया रहे थे । उनमे कुछ 70-80 … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – राजेश कुमार : Moral Stories in Hindi

क्या टका सा मुंह ले के बैठे हो सुबह सुबह। चलो उठो और पार्क में सैर करके आओ। पिता ने अपने मायूस हो रहे बेटे को कहा। क्योंकि की कल ही उसका रिजल्ट आया था और वो फिर से  कुछ मार्क से रह गया था । ये उसका तीसरा अटेम्प्ट था। पिताजी ने रात को … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

अरे कहां है आप ?कब से पुकार रही हूं।चाय है कि ठंडी हुई जा रही है।अनिका ने अपने पति अनय को आबाज लगाते हुए कहा और चाय लेकर बरामदे की तरफ आई।आप यहां चहलकदमी कर रहे हैं और मैं गला फाड़कर आपको पुकार रही थी।अनिका ने चाय की प्याली को पास की मेज़ पर रखते … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

” अनु और सुम्मी दो सहेलियाँ थीं।दोंनो गाँव में रहती थीं।अनु के पिता बहुत बड़े जमींदार थे– पचासियों नौकर चाकर उनके यहाँ काम करते थे।धन तो पानी की तरह  खर्च होता था।अनु अकेली बेटी थी और चार भाई थे।सभी बहुत  अच्छे स्वभाव के थे– कभी किसी गरीब का निरादर नही करते हालांकि उनके पास अथाह … Read more

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