क्या औरत आज भी आज़ाद है – संगीता अग्रवाल
” नमस्ते भाभी कैसी है आप ?” बाजार में अचानक एक परिचित आवाज सुन मैं रुक गई मुड़ कर देखा तो अपने पुराने मोहल्ले में रहने वाली रति थी। ” अरे रति तू कैसी है तू और ये क्या तूने शादी कर ली !” मैंने आश्चर्य से उसकी मांग में भरे सिंदूर को देख कर … Read more