अविस्मरणीय स्मृति – सुधा शर्मा
कई दिनों से चित्त बहुत उद्वेलित था। कुछ अच्छा नहीं लग रहा था। मन बहुत विचलित हो रहा था । विचित्र परिस्थितियों में बचपन में बिछड़ गई थी अपनी बडी बहन मोना से।वक्त के अन्तराल में हम दोनों अलग थलग हो गये थे ।दो दिशाओं में दो तरफ। बहुत समय तक एक दूसरे का समाचार … Read more