अपनो पर विश्वास – नताशा हर्ष गुरनानी
खेती करके सबका पेट पालने वाले घनश्याम बाबू अब बूढ़े हो चुके थे। बेटा अपनी दुनियां में खुश था। बड़े शहर में बड़ी कंपनी में बड़े पद पर था। पोता उनका कॉन्वेंट में पढ़ता था। बेटा हमेशा अपने पिता को अपने पास रहने के लिए कहता पर वो हमेशा मना कर देते थे। क्योंकि गांव … Read more