सोलह श्रंगार की पहली सीढी – स्मिता सिंह चौहान।
तुम्हे तो बहुत एक्सपीरियंस है,लगता है काॅलेज मे जिंदगी बहुत रंगीन थी क्या तुमहारी ।”यही एक बात सुरभि सोचने भर से ,ऑखो मे आंसू लिये एक नजर घुमाते हुये अपनी सुहागरात के मुरझाये फूलो को देखती है ,और यकायक उठकर एक कोना चादर पकड़कर जोर से खींचती है ,बैड की साईड टेबल पर लगा लैम्प … Read more