पत्थर हूं शीशा नहीं। – सुषमा यादव
राजेश एक उच्च पदाधिकारी थे।अपना काम बड़ी लगन, मेहनत और ईमानदारी से करते थे। अपने काम को बोझ नहीं बल्कि एक कर्तव्य समझ कर करते,, अपने मातहत कर्मचारियों के साथ वो भी अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा जाते,,हर छोटे बड़े कर्मचारियों के साथ उनका बड़ा प्रेम पूर्वक व्यवहार रहता था,सब उनसे बहुत खुश रहते,, मंत्री, और … Read more