आखिर मेरी शादी की इतनी जल्दी क्यों है मां? – चाँदनी झा 

“सुनो न राधिका, कल तैयार रहना, तुमको देखने लड़केवाले आ रहे हैं।” क्यों मां, मैं हमेशा से कह रही हूं, मुझे पढ़ने दो, अभी अपने कैरियर बनाने के बाद ही शादी करूंगी। देखो मेरी लाडली, लड़का बहुत अच्छा है, पैसा वाला है, पैतृक संपत्ति काफी है, और….लड़का का बिजनेस, काफी बड़ा है। एक ही भाई … Read more

शादी के बाद बेटी की मदद कितनी सही?? – संगीता अग्रवाल 

” बेटा ससुराल में सब ठीक है ना दामाद जी का तेरे सास ससुर का सबका व्यवहार कैसा है ?” नवविवाहित बेटी रिया पहली बार मायके आई तो मां साधना जी ने पूछा। ” हां मां सब ठीक है !” बेटी बोली। ” कोई परेशानी हो तो मुझे बता सकती हो  !” साधना जी फिर … Read more

मायके की बेटी अब ससुराल की बहू है!! – मीनू झा 

उसे याद है कभी कोई कहता कि लड़की के गले में मंगलसूत्र और मांग में सिंदूर पड़ने की देर होती है..फिर तो‌ वो अपने ससुराल की ही होकर रह जाती है..तब वो कहती..मैं तो ऐसी नहीं हूं भाई..ऐसा वो‌ लड़कियां करती होगी जिन्हें अपने मायके से उतना प्यार दुलार नही मिला होता..क्यों भला ऐसा करेगी … Read more

साड़ी की फाल  – इन्द्रा सभरवाल धवन      

शिल्पा की नई नई शादी हुई थी और चार दिनों बाद उसका पहला करवाचौथ था। इस अवसर पर वह अपनी मम्मी (सास) को बहुत सुंदर साड़ी भेंट करना चाहती थी। वह अपने पति के साथ प्रगति मैदान के व्यापारिक मेले से सिल्क की साड़ी लेकर आई। साड़ी प्लेन थी उसने सोचा क्यों न वह इस … Read more

सब्र की इंतेहा – कमलेश राणा

बहुत ज्यादा ठंड थी उस दिन , सर्द हवा मानों तन को बेध कर अंदर घुसने के लिए आतुर थी कंबल में से निकलना ही सजा लग रहा था ऐसे में रेवती को एक शादी में जाना था। बहुत करीबी शादी थी जाना जरूरी था, बड़े बेमन से उठकर तैयार होने लगी तभी उसका पोता … Read more

 समझी कुछ – नताशा हर्ष गुरनानी

आज रुनझुन कुछ सोच कर खुश थी और मन ही मन मुस्करा रही थी। क्या बात है बेटा क्या सोच रही हो और मुस्करा भी रही हो ? मुझसे गले लगकर बोली कुछ नहीं मम्मा ऐसे ही, आज स्कूल में कुछ पढ़ाई ही नहीं हुई। क्यों? आज साइंस वाली अनुषा मैम को स्कूल में चक्कर … Read more

प्रेम और संकोच – डॉ आदर्श प्रकाश

———————- सत्तर का दशक । खबर लगी कि ऋचा एम . ए का पेपर देने लखनऊ नहीं जा रही है । परेशान हो उठा श्लोक । क्या हुआ होगा ? उनके  उस छोटे शहर में बी. ए तक ही कॉलेज था । पैसेंजर ट्रेन से पेपर देने लखनऊ जाना था रोज । तय यही हुआ … Read more

वक्त ने किया क्या हँसी सितम – उमा वर्मा

आज तीस जनवरी है हमारे बाबूजी ( ससुर जी) की पुण्य तिथि ।उनही  की याद में कुछ लिखना चाहती हूँ ।बाबूजी चले गए ।चले तो वे बहुत पहले ही गये थे ।जब मेरे पति और उनके बड़े भाई बहुत छोटे थे।घर के लोगों ने कहा सौतेली माँ के खराब व्यवहार के चलते घर से चले … Read more

वक्त – पूजा मिश्रा

आज अचानक शुक्ला अंकल से मुलाकात हो गई वह ट्रेन में सामने की सीट पर बैठे थे वह मुझे पहचान गए बोले   आप मिसेज मिश्रा हैं जी आप शायद शुक्ला अंकल है मै भी उन्हें पहचान रही थी परंतु संकोच बस नही बोला था आप कहा है आजकल मै अब नवासहर पंजाब में रहता हूं … Read more

“वक्त का आईना” – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : शारदा जी के पास उनके प्रभाकर भैया का फोन आया था कि तेरी सरोज भाभी सीढ़ियों से गिर गई है, रीढ की हड्डी में गंभीर चोट आई है, ना जाने अब बिस्तर से उठ भी पाएगी या नहीं ,बच्चे भी पास में नहीं रहते, भले ही नौकर चाकर है पर … Read more

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