टूटी डोर से बुना आकाश – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

सायंकाल की लालिमा घर की खिड़की पर पिघल रही थी, जैसे नीरजा के जीवन का सुख पिघल गया था। विकास का सूटकेस, वह हरा-भरा पौधा जिसे वह प्यार से सींचती थी, और बैंक पासबुक – सब गायब थे। एक साधारण सा व्हाट्सएप मैसेज छोड़ गया था वह: -“माफ़ करना, नीरजा। ज़िंदगी कभी-कभी गलत मोड़ ले … Read more

आओ लौट चलें – डॉ बीना कुण्डलिया 

धनश्याम जी और उनकी धर्मपत्नी पार्वती शाम के समय घर के लान में बैठे अपनी पुरानी स्मृतियों को ताजा कर रहे।पार्वती जी बोली- आपके रिटायरमेन्ट को दो साल हो गये। मैं तो इन दो बरसों में शरीर और दिमाग दोनों रूप से अस्वस्थ रहने लगी हूँ। ले देकर दो बच्चे सारी जिंदगी उनके पढ़ाई लिखाई … Read more

संतुष्ट – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

अचानक आये फोन ने रोहन को चौका दिया कही कुछ फिर हुआ क्या क्योंकि बरस भर पहले उसने फोन किया था और आज पापा की ………. ।भूल गए क्या नहीं नहीं मां भला मैं कैसे भूल सकता हूँ आता हूं दरसल आना जरूरी था इसलिए आया कहकर फोन तो काट दिया पर साल भर पहले … Read more

लकड़ी के लोग – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

छोटे खाँ नाई जहां जमीन पर कपड़ा बिछाकर लोगों की हजामत बनाया करता था उसी स्थान पर उसके लड़कों ने एक चक्कर दार कुर्सियों और बड़े बड़े शीशों वाली दुकान खड़ी कर ली थी। सामने एक खूबसूरत साइनबोर्ड लगा था जिस पर दिलीप कुमार के चित्र के ठीक नीचे सलीम हेयरड्रैसर लिखा था। बड़े लड़के … Read more

मैं गांधारी नहीं – रत्ना पांडे : Moral Stories in Hindi

सूरज ढल रहा था और अँधेरा फैलने को था। गाँव की वह लड़कियाँ इसी अंधेरे का इंतज़ार करती हैं, जिनके घरों में शौचालय नहीं होते। गाँव की एक ऐसी ही लड़की, हाथ में लोटा लिए, सुनसान जगह की ओर जा रही थी, जहाँ कोई नहीं आता-जाता था। ठाकुर रणवीर प्रताप अपनी ऊंची हवेली के झरोखे … Read more

दोहरा चरित्र – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

अमित को नौकरी के सिलसिले में बहुत आना- जाना पड़ता था। शुरू – शुरू में तो उसके साथ गीत भी गई लेकिन अमित उसे वक्त ही नहीं दे पाता था।गीत भी होटल के कमरे में पड़े – पड़े बोर हो जाती। नया शहर नए लोग करे तो क्या करें, इसलिए उसने साथ जाना बंद कर … Read more

एक मौका और – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

भीनी ने बाहर जाने से पहले जब अपने आप को आईने में निहारा, तो वह हल्के से बड़ी अदा से मुस्कराई। उसे महसूस हुआ कि वो एक सैकैंड भी यहाँ और रूकी तो ख़ुद पर ही फ़िदा हो जाएगी। सिवाय थोड़े से आई मेकअप और हल्की सी क्रीम लगाने के इलावा उसने कोई कास्मेटिक यूज़ … Read more

गुरु गोविन्द दोउ खड़े – सरिता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सुबह और शाम की भागदौड़ में बस दोपहर का ही समय थोड़ा राहत देने वाला होता है- जब आधे अधूरे कामों को पूरा करने और कुछ नया प्लान करने, साथ ही साथ थोड़ी थकान मिटाने को एकान्त मिलता है। इस एकान्त का भरपूर लाभ उठाती हूँ मैं। आज भी कुछ हिसाब-किताब जोड़ रही थी तभी … Read more

पति-पत्नी: एक प्यारा रिश्ता या सुंदरता का बंधन – मीनाक्षी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

एक संयुक्त परिवार, जो दिल्ली के एक पॉश इलाके में स्थित था ।  एक अच्छा-खासा, खाता-पीता, संस्कारी परिवार जहाँ आपसी समझदारी और प्रेम से जीवन की गाड़ी सरपट दौड़ती थी। घर में माता-पिता थे, बड़े भाई-भाभी और उनके दो चुलबुले बच्चे थे, और सबसे छोटा था अमन। रौनक ऐसी कि घर में हर समय त्योहार … Read more

बुआ जी का हिस्सा – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

दादा जी गुजर गए थे और वसीयत लिखी है की नहीं किसी को पता नहीं था। घर के बाहर अंतिम दर्शन करने वालों की भीड़ इकट्ठी थी लेकिन उनके चारों बेटे अंदर जमीन जायदाद के लिए झगड़ रहे थे। “पिता जी ने कभी कुछ बताया ही नहीं की किसको क्या – क्या मिलेगा? भइया क्या … Read more

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