अब कभी किसी से सासू मां की बुराई ना सुनूंगी – मधु वशिष्ठ
भावना जी जितनी सर्वगुण संपन्न थीं, लगभग उसी अनुपात में उनकी बहू भी थी। हालांकि कॉलोनी में सभी का ख्याल था कि भावना जी के तेज़-तर्रार स्वभाव के रहते किसी भी बहू का टिकना नामुमकिन ही है। सोने पर सुहागा यह कि वह सर्वगुण संपन्न भी थीं। सिलाई, कढ़ाई, बुनाई या घर का काम हो, … Read more