ममता की छाँव – उप्मा सक्सेना
दिल्ली का ट्रैफिक और सुबह को ऑफिस की भागम-भाग। तीन दिन पहले मेरा स्कूटर जरा सा संतुलन खो बैठा और नतीजा हेयर लाइन फ्रैक्चर। ऑफिस मे सभी ने भरपूर सहयोग किया।डाक्टर को दिखाना प्लास्टर चढवाना। मुझे वर्क फ्राम होम की सुविधा भी मिल गयी थी ।तो छुट्टी की चिंता भी नही थी ।पर मम्मी पापा … Read more