दो शरीर और एक आत्मा
निधि जब इस घर में बहू बनकर आई थी, तो उसे सबसे ज्यादा हैरानी अपने सास-ससुर का आपसी तालमेल देखकर हुई थी। उसके ससुर जी, यानी पंडित विद्याधर, अपने जमाने के प्रखर विद्वान और यूनिवर्सिटी के टॉपर रहे थे। उनकी कुशाग्र बुद्धि, अनुशासन और दूरदर्शिता का ही परिणाम था कि घर के तीनों बच्चे आज … Read more