जिन आंखों में काजल का घेरा था, उनमें आंसुओं का बसेरा नहीं होने दूंगा मैं…… – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi
स्वाति अपने कमरे में लेटी हुई अपने अतीत और वर्तमान समय में आये हुए परिवर्तन का आंकलन कर रही थी और उसे अपने मन में एक सघन पीड़ा का अनुभव हो रहा था। अभी कुछ महीनों पहले की ही तो बात है कि स्वाति की आलोक से शादी हुई थी और वो भी प्रेम विवाह…स्वाति … Read more