रिश्ते,अहकार से नहीं , त्याग और माफी से टिकते हैं। – लक्ष्मी त्यागी
रोहित ,आज बहुत गुस्से में था, उसे अपना बहुत ही अपमान लग रहा था। घर आते ही उसने, अपना सामान पटका, और चिल्लाते हुए बोला -अब मैं यह सब बर्दाश्त नहीं करूंगा,बर्दाश्त करने की भी हद होती है। उसकी पत्नी नीता, कमरे में आई और उसने पूछा -क्या हुआ ? गुस्से से रोहित बोला -जब … Read more