बिना शर्त का समझौता – शुभ्रा बैनर्जी 

“बेबी,कल हमें मम्मी के घर जाना है।दो दिन रुकने को बोल रही थी मम्मी।तुमने फोन उठाया ही नहीं।कब से तुम्हें फोन कर रहीं थीं वो।” सौरभ ने मधु को बड़े प्यार से चाय का कप पकड़ाते हुए कहा। वैसे तो सुरभि(सौरभ की मां)जी और उनके पति(सुधीर) की सहमति से ही सौरभ और मधु की शादी … Read more

*तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर है क्या?* – तोषिका

बहु क्या *तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर है क्या?* गुस्से वाली आवाज में लक्ष्मी ने अपनी बहु जाह्नवी से पूछा। नहीं ऐसा कुछ नहीं है, आप ऐसा क्यों बोल रही हो? अब मैं अपने मायके भी बात नहीं कर सकती क्या? मायके में बात करने के लिए कोई भी तुम्हे मना नहीं कर रहा … Read more

सीख – खुशी

रागिनी और राम का एक प्यारा सा परिवार था।जिसमें राम के पिता नंदकिशोर और उसकी मां रमा थे ।तीन बच्चे महक, प्रफुल और नरेन थे।सुखी परिवार था दादा दादी बच्चों को अच्छी शिक्षा देते।राम कुमार बैंक में थे और नंदकिशोर सरकारी अध्यापक थे।उनकी गाँव में जमीन थी जिसको  आधा बेच उन्होंने  एक मकान बनवा लिया … Read more

*”तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर है क्या?”* – रानू जैन

सपना की शादी को तीन साल हो चुके थे। ससुराल वाले अच्छे थे, पर कभी-कभी बातों के बीच ऐसा ताना छूट जाता कि दिल को चुभ जाता। “बहुएँ मायके जाकर ऐश करती हैं” – ये वाक्य सपना ने कई बार सुना था। इस बार दीवाली से एक हफ्ते पहले उसे मायके जाने का मौका मिला। … Read more

error: Content is protected !!