सीख – खुशी

रागिनी और राम का एक प्यारा सा परिवार था।जिसमें राम के पिता नंदकिशोर और उसकी मां रमा थे ।तीन बच्चे महक, प्रफुल और नरेन थे।सुखी परिवार था दादा दादी बच्चों को अच्छी शिक्षा देते।राम कुमार बैंक में थे और नंदकिशोर सरकारी अध्यापक थे।उनकी गाँव में जमीन थी जिसको  आधा बेच उन्होंने  एक मकान बनवा लिया … Read more

*”तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर है क्या?”* – रानू जैन

सपना की शादी को तीन साल हो चुके थे। ससुराल वाले अच्छे थे, पर कभी-कभी बातों के बीच ऐसा ताना छूट जाता कि दिल को चुभ जाता। “बहुएँ मायके जाकर ऐश करती हैं” – ये वाक्य सपना ने कई बार सुना था। इस बार दीवाली से एक हफ्ते पहले उसे मायके जाने का मौका मिला। … Read more

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