गृहलक्ष्मी का हक – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : इस बार निशा ने निर्णय कर लिया था की वो अपने ससुराल दिवाली के लिए नही जाएगी अब और अपमान वो सहन नही करेगी नितेश को जाना है तो जाए । निशा को मालूम था उसका निर्णय आसान नहीं है मनवाना पर ये पहल करनी ही पड़ेगी। निशा की शादी … Read more

आईना दिखाती गृह लक्ष्मी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   “रीनू ओ रीनू!ये दीये पानी में भिगो देना ज़रा।एक घंटे के बाद निकाल कर धूप में रख दूंगी।”श्यामला ने अपनी काम वाली बाई को निर्देश दिया।अभी -अभी घर पर ही खरीदे थे एक भैया से दीये।रीनू ने आदतन पूछा”दीदी,कितने में दिए उसने आपको?” “सौ रुपए सैकड़ा बताया था,पर मैंने तीस … Read more

सुबह का उजाला – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  तुम जानते तो हो राजेश, पिता के बीमार रहने के कारण मां बिल्कुल अकेली पड़ गयी है।भाई कोई है नही केवल मैं ही तो हूँ।उनके विषय में मैं नही सोचूंगी तो कौन सोचेगा?      बहुत अधिक भावुक मत बनो सुमि,मेरी बात समझ तो लो,बिना सुने ओवर रियेक्ट क्यूँ कर रही हो।वो … Read more

मंथन – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   आंटी जी… प्लीज …अभी नव्या यहां नहीं है अपना पक्ष रखने के लिए …तो हम लोग उसके आचरण का  ” मंथन ” करके उसके बारे में कोई गलत धारणा ना बनाएं ..तो अच्छा रहेगा..! सॉरी आंटी जी यदि मैंने कुछ गलत कह दिया हो तो….           स्वरा के बेबाकी पूर्ण जवाब … Read more

दुशासन को चीरहरण का मौका नहीं दूंगी। –   अर्चना खंडेलवाल 

“जिंदगी के रण में खुद ही कृष्ण और खुद ही अर्जुन बनना पड़ता है…ये लड़ाई मुझे अकेले लड़़नी है और जीती भी है। मैं ये कर लूंगी,अगर औरत ठान लें तो क्या नहीं कर सकती!!! देविका ने अपने आपको विश्वास दिलाया। जतिन की घटिया बातें देविका के मन-मस्तिष्क में कौंध रही थी, आज तक वो … Read more

ममता – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  मुदित जब दो साल का था तब उसकी माँ का देहांत हो गया था। लोगों की सलाह पर उसके पिता ने दूसरा विवाह किया ताकि मुदित को एक माँ का प्यार मिल सके। कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा लेकिन कुछ दिनों बाद से ही मुदित का … Read more

आप टेंशन मत लीजिए वैसे भी मुझे आदत हो गई है इस सबकी। : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   मानसी के पति की मृत्यु बहुत पहले ही एक दुर्घटना में हो गई थी, जब उसके तीनों बच्चे एकांशी, पायल और देवांश छोटे थे। एकांशी तीनों में सबसे बड़ी थी।  उसके पति एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे।   ऐसे दुखद मौकों पर कंपनी से अनुकम्पा के रूप में मिलने … Read more

गृहलक्ष्मी की लक्ष्मीपूजा – किरण केशरे  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज दीपावली का दिन ! समय से भी पहले उठ गई थी मैं ; त्यौहार का बड़ा दिन सौ काम !!  माँ पिताजी को सुबह उठते से चाय फिर दोनों बच्चों कुंतल ओर सिमी का उठते ही काम शुरू ! कभी मेरे कपड़े कहाँ तो मेरा शू कहाँ ? बेटा … Read more

जहां सुमति तहां संपत्ति नाना…! – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  सोहन कल के उस क्लाइंट ने कितनी हरी हरी पत्तियां दीं हैं एक जरा झलक तो दिखा दे भाई… राजन ने सुबह दफ्तर आते ही उतावली से पूछा तो सोहन जम के हंस पड़ा। कल का क्लाइंट बहुत टेढ़ा था फर्जी काम करवाना चाह रहा था और  राजन राजी नहीं … Read more

गृहलक्ष्मी-2 – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  रंग-बिरगी बल्बों की लड़ियों से पूरा ‘जानकी निवास’  जगमगा रहा था।मनोहर बाबू लाॅन के बीचोंबीच अपनी आरामकुर्सी डालकर बड़े प्यार-से अपने घर की शोभा निहार रहें थें।बरसों बाद दीवाली के दिन उनके घर में इतनी चहल-पहल हो रही थी।बच्चे छोटे थे तब यहाँ की रौनक देखते बनती थी,उनकी पत्नी जानकी … Read more

error: Content is protected !!