छलिया दोस्त – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi
“ देख लिए ना मेरी बात नहीं मानने का नतीजा… आपसे कितनी बार कहा था मुझे चरण पर जरा भी भरोसा नहीं है पर आप तो उस पर आँख बंद करके भरोसा करते रहे….अब बोलिए क्या होगा… बेटी के लिए जो भी जमा पूँजी रखी थी सब आपने गंवा दी।”तरूणा आवेश में अपने पति संतोष … Read more