लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 11) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि किसी अंजान द्वारा चिठ्ठी फेंके जाने से शुभ्रा के घर में सभी दुखी हो गए हैँ… उमेश के पिता नरेशजी के आग्रह पर शुभ्रा को ताऊ बबलू जी सुनार की दुकान पर लेकर जाने वाले थे … सभी घर के सदस्य मौजूद … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 10) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि घर के शादी के हंसी ख़ुशी के माहोल में शुभ्रा के  घर फेंकी गयी चिठ्ठी से  सभी के मन बुझ गए हैँ… पर दादा नारायण जी ने मना कर दिया हैँ कि अभी कोई भी लड़कों वालों को कुछ भी नहीं बतायेगा … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 9) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश और शुभ्रा की झिझक धीरे धीरे खुल रही हैँ… विवाह निकट आ गया हैँ… घर में उमेश का छोटा भाई अपने भाई भाभी के लिए सुन्दर कमरा तैयार  करने में लगा हुआ हैँ…. पर ये विवाह होना  इतना आसान कहां…. उधर … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 8) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि नारायण जी के खेत बिकने से बच गए हैँ….. उमेश बहुत समझदार लड़का हैँ.. उसने अपने पिता जी को समझाया .. भाई साहब ने  भुवेश जी को… शादी की तैय़ारी जोरो शोरों से शुरू हो गयी हैँ दोनों तरफ…. उमेश और शुभ्रा … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 7) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश और शुभ्रा का विवाह पास आ चुका हैँ… उमेश अभी फैमिली क्वार्टर नहीं ले रहा हैँ… अभी वो शुभ्रा को माँ पापा के पास ही रखेगा.. उसकी यह बात मेजर साहब को बहुत अच्छी लगती हैँ… इधर दादा नारायण जी लेटे … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 6) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि सभी को लगा शायद शुभ्रा आत्महत्या कर रही हैँ…. पर ये उसकी ताई की गलतफहमी थी…. उमेश और शुभ्रा के घर वालों के बीच दहेज को लेकर सब बातें साफ हो चुकी हैँ…. तय तिथि पर ही ब्याह होना हैँ…. शुभ्रा यह … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 5) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश और शुभ्रा के घरवालों के बीच तो दहेज को लेकर आपसी समझौता लगभग हो चुका हैँ… घर कि औरतें लड़कों वालों के लिए अंदर खाना बनाने गयी हैँ… कि तभी शुभ्रा के हाथ में चाकू देख शुभ्रा की ताई चिल्लायी… ये … Read more

घर की रानी या नौकरानी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अशोक जी की पत्नी को गुजरे हुए 3 साल हो चुके थे। उनके दोनों बच्चे बेटा और बेटी का विवाह हो चुका था। अशोक जी स्वयं को एक बहुत ही सुलझा हुआ व्यक्ति और बहुत अच्छा पति मानते थे।  आज कोई जरूरी फाइल ढूंढते समय उन्हें अचानक इतने सालों बाद … Read more

अनाड़ी गृहलक्ष्मी – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  ” विगत का सोचती हूँ तो एक सलाम खुद के लिये बनता है,क्योंकि एक गृहलक्ष्मी जिसे कुछ नहीं आता, वो आज अपनी किताब के विमोचन पर सबकी बधाइयाँ ले रही…., कहते है ना कि आदमी खुद अपना इतिहास रचता है, तभी तो आज वो भी अपने परिवार में इतिहास रच … Read more

मान सम्मान***एक पत्नी का – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : देवर अपने परिवारवालों के व्यवहार से अच्छी तरह वाकिफ था सो वह हर समय अपनी पत्नी के मान- सम्मान की खातिर ढाल बन कर खड़ा रहता।मजाल है कि कोई उसकी पत्नी से एक शब्द भी बोल ले।अपनी पत्नी की सुख शान्ति के लिए वह उसे अपने साथ लेकर दूसरे शहर … Read more

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