बूढ़े है!!लाचार नहीं  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज मां का फोन आया फिर बही बात सुनकर कुणाल झल्ला कर बोला क्या मां एक ही बात करती रहती हो यहां आ कर रहना है अब मैं आपको देखूंगा या अपने काम को  यहां बड़े शहर मै रहने की आदत है नही आपको कुछ भी होगा तो मुझे ही … Read more

छोटी सोच –  सविता गोयल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राधीका कोई पंद्रह साल की थी जब उसके पिता जी परिवार सहित गाँव छोड़ कर शहर में आ बसे थे। उसकी शादी भी शहर में ही एक बडे़ घराने में हो गई। लेकिन आज भी वो खुद को गाँव से जुड़ा हुआ महसूस करती थी। जब दस साल बाद राधिका … Read more

ऑल द बेस्ट पापा..! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ..”हेलो अविनाश अरे यार मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा है किसने तेरा ट्रांसफर करवा दिया … वो भी इतनी खराब जगह में…..देख ले ईमानदारी का नतीजा.. इसीलिए समझाता था बेटा थोड़ी दुनियादारी सीख ले लेन देन और चाटुकारिता  के बिना आज की दुनिया में चैन से नौकरी करना … Read more

फर्क ऑनलाइन और ऑफलाइन परिवार का – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : हैप्पी बर्थडे मां… आप अपनी आंखें बंद करो… हां अब खोलो, अब इन मोमबत्तियां को बुझा कर जल्दी से केक काटो… वरुण ने अपनी मां कविता को सरप्राइज देते हुए कहा  यह सब क्या है बेटा..? इतने सालों में तो तूने कभी मेरा जन्मदिन ऐसे नहीं मनाया, फिर आज क्या … Read more

पत्नी और बेटी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तुम जब देखो मायके ही जाती रहती हो तुम्हारा भी घर है पति है बच्चे हैं मम्मी पापा है उनका ख्याल है कि नहीं तुम्हें नीरज जोर से संध्या से बोला संध्या बोली हां मैं सब जानती हूं सब है मेरे पास लेकिन मैं एक पत्नी  मां और बहू के … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 18) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश और शुभ्रा के घर में रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया हैँ…उमेश का प्रमोशन नायब सूबेदार की पोस्ट पर हो गया हैँ… सभी दोस्तों ने इसी ख़ुशी में शाम को पार्टी रखती हैँ…. उमेश अपने प्रमोशन की बात अपने माँ पिताजी … Read more

छलनी कर डालना – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

आज पति और बेटी की बातों को सुनकर  आशाजी का कलेजा छलनी हो उठा।उसके मन में यादों का उफान उफन उठा।गहरी-गहरी साँसें भरने लगीं।मन में अतीत की यादें ताजा हो आईं।आशाजी पढ़ने में काफी तेज थीं,जिसके कारण उन्हें सरकारी बैंक  में अच्छी नौकरी लग गई थी। शादी के बाद  दो बच्चे हो गए। पति की … Read more

रिश्तों की ऑक्सीजन – अर्चना सक्सेना  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कमरे में चाय नाश्ते के साथ प्रवेश करती निर्मला के कानों में उसकी पुत्री की सहेली के कुछ वाक्य पड़े तो वह ठिठककर बाहर ही रुक गयी। रुचिका कह रही थी- “तू पागल है सोनाली, चुपचाप सुनती क्यों है? पलटकर जवाब मुँहपर मारा कर अपनी सास के। और वैसे नीलेश … Read more

शर्मिंदा – रश्मि श्रीवास्तव”शफ़क” : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज मनीष अपनी पत्नी गरिमा का चेहरा बहुत गौर से देख रहा था, जब कि वो एक हादसे का शिकार होकर अस्पताल के बेड पर थी। उस के चेहरे पर लगी चोटें आज मनीष को बहुत छोटा महसूस कर रही थी, जैसे पूछ रहीं हो कि अब तो तुमको समय … Read more

नसीहत – संध्या सिन्हा  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “माँ तुम्हारे खर्चे बढ़ते ही जा रहे है… कोई कंट्रोल नहीं है तुम्हारे खर्चे पर… तुम्हें ज़रा भी अंदाज़ा है कि.. कितनी मेहनत से हम पैसा कमाते है…तुम हो कि… हमने कोई धर्मशाला नहीं खोल रखी है जो…नित्य तुम्हारे रिश्तेदार मुँह उठाए चले आते है…अब पापा नहीं है.. ये घर … Read more

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