खुद के लिए भी सोचना ज़रूरी है … – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “यार तुम लोग चली जाओ मैं नहीं आ सकती तुम लोगों के साथ….तुम सही कह रही हो मैं कितनी खुश रहा करती थीं पर अब चिड़चिड़ी सी रहने लगी हूँ …मेरा मन नहीं करता अब कही भी आने जाने का उपर से पति , बच्चे और परिवार के बीच मैं … Read more

‘मैं सिर्फ आपकी पत्नी नहीं किसी की बेटी भी हूंँ’-मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : उस शहर के भुपेन्द्र बाबू प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। उनका कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ था। कई घरेलू और उपयोगी सामानों के थोक विक्रेता तो थे ही इसके अलावा उनकी एक फैक्ट्री भी थी जिसमें दर्जनों लोग काम करके अपना जीवन-यापन करते थे।   उनकी इकलौती पुत्री शिल्पा सूरत और सीरत … Read more

मुझे अपनों के बीच जाना है। –   अर्चना खंडेलवाल

पिंकी की हल्दी की रस्म चल रही थी, सभी रिश्तेदार आये हुए थे, हंसी-खुशी और ठहाके घर में लग रहे थे, सुनिधि ये सब वीडियो कॉल में देख रही थी, उसका भी मन था वो भी अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होती पर उसके मायके और अमेरिका में बहुत दूरी थी। हर बार … Read more

मीरा कभी ना होगी मोहन की … – अर्चना खंडेलवाल

मीरा के जीवन के उतार-चढ़ाव  ने उसे रिश्तों का अच्छा पारखी बना दिया था। समझदार होते ही वह अपना खर्चा निकालने लगी थी। मौहल्ले के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर उसने अच्छी-खासी रकम जमा कर ली थी। पढ़ाने के दौरान ही उसने एक प्राइवेट स्कूल में टीचर की नौकरी कर ली।मां खुश नहीं थी, उन्हें लगता … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 6 ) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

विनया के परांठा बनाते हाथ यथाशीघ्र चल रहे थे और उसकी उत्सुक ऑंखें किचन से बाहर अंजना के कमरे की ओर भी उठ जा रही थी। वो चाहती तो थी कि अंजना के कमरे में जाकर थोड़ी देर उसका इंतजार करने कहे। लेकिन छह महीने का संकोच आड़े आ जा रहा था। अंजना के रूखे … Read more

वर्मा जी की आधी संपत्ति : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज शीना अपने पति के साथ अचानक मॉल में मिल गई मुझे देखते ही अपने पति से बोली जतिन ये है हमारे नीरज भाई जतिन ने बड़े गर्मजोशी से हांथ मिलाया बेटे से कहा मामा को नमस्ते करो नमस्ते का जबाव देकर उसे मैने गोद में उठा लिया अपनी पुरानी … Read more

संस्कारों की जीत – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुलभा आज बहुत खुश थी।दीपावली की छुट्टियों में बेटी आई थी दस दिनों के लिए।बचपन से ही विद्रोही स्वभाव की आयुषी खुद को पापा जैसी ही कहती थी।दोनों बच्चों के स्वभाव में जमीन -आसमान का अंतर था।सुलभा का बेटा(बड़ा)शांत और कम बोलने वाला था,वहीं बेटी मुंहफट।जिद्दी भी अपने पापा की … Read more

बच्चों का झगड़ा –  शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

शर्मा परिवार और मिश्रा परिवार पड़ोसी थे।वे एक ही शहर के रहने वाले थे तथा यहाँ वे नौकरी करते थे, यहां भी संयोग से एक ही कालोनी में पास-पास ही मकान बनाये थे सो यहाँ भी वे पडोसी थे। दोनों के दो दो छोटे बच्चे थे वे साथ खेलते कूदते एक ही विद्यालय में साथ … Read more

आप शर्मिंदा न होइये –  विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

  ” देर नहीं होगी डाॅक्टर रेणु..,मैं बस अभी दस मिनट में तेरे अस्पताल पहुँचती हूँ…।” हँसते हुए श्रद्धा ने कहा, फ़ोन डिस्कनेक्ट करके उसे अपने हैंडबैग में रखा और गैराज से स्कूटी निकालकर रेणु से मिलने जनता अस्पताल चली गई।      श्रद्धा एक जर्नलिस्ट थी।’वृद्धावस्था की बीमारियाँ और उनके इलाज’ पर वह एक रिपोर्ट तैयार कर … Read more

एक बार फिर (भाग 38 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर और प्रिया की कोर्ट मैरिज के बाद अगली सुबह  दादी कहती हैं कि प्रिया और शेखर की शादी पूरे रीति-रिवाज के साथ की जाएगी बाकी रस्में भी परंपरागत ढंग से होंगी तब तक प्रिया को मायके भेज दिया जाए। दूसरी तरफ शेखर के पापा शेखर को साढ़े दस बजे ऑफिस पहुंचने को कहते हैं … Read more

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