क्या बेटी होना गलत है ? – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” ईश्वर की लीला देखिए एक के बाद एक तीन बेटियां आ गई एक बेटा दे देता इनमे से तो जीवन तो सफल हो जाता!” मानसी छोटी बेटी को दूध पिलाते हुए पति देवेश से बोली। ” क्यों चिंता करती है तू मानसी देखना हमारी बेटियां बेटों की तरह नाम … Read more

माँ पता नहीं किस ज़माने में जी रही हो आप – के कामेश्वरी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दिनेश ऑफिस में था तभी छोटे भाई ने फ़ोन किया था कि भाई दादी अब इस दुनिया में नहीं रही है । दिनेश थोड़ा उदास हो गया था क्योंकि उसे दादी से बहुत प्यार था । वह उन्हें पसंद थीं क्योंकि पुराने ज़माने की होने के बाद भी उनके विचारों … Read more

ज़माना बदल गया है – रश्मि सहाय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शुभा, ओ शुभा!विनीता आवाज़ लगा रही थी, पता नही कहाँ जाकर मर गई है, उसका गुस्सा बढ़ता ही जा रहा था। क्या है माँ, क्यों चीख रही हो? अच्छा! ये माँ से बात करने का तरीका है। जैसे- जैसे बड़ी हो रही हो उद्दंड होती जा रही हो। शुभा पलट … Read more

अपनों का भरोसा – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “अरे बेटा तुम … बहू और बच्चों के साथ?” सुबह सुबह दरवाज़े की कुंडी बजती देख दरवाज़ा खोल सामने बेटे बहू को देखते हुए रामदयाल जी बोले  “ हाँ अब हम यही रहेंगे।” एक टूक शब्दों में कह किशोर अपना सामान लेकर एक कमरे में चला गया  बेटा बहू का … Read more

माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अभिषेक.. तुम शादी से कैसे मना कर सकते हो? तुम्हें पता है ना मैं अपनी मम्मी पापा की मर्जी के खिलाफ जाकर भी तुमसे शादी के लिए तैयार हूं, और अब तुम शादी से इनकार कर रहे हो! आज तक जो तुमने मुझसे प्यार  के वादे किए थे क्या वह सब झूठे थे..? मैं ही … Read more

अपनों का भरोसा – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“अरे बेटा तुम … बहू और बच्चों के साथ?” सुबह सुबह दरवाज़े की कुंडी बजती देख दरवाज़ा खोल सामने बेटे बहू को देखते हुए रामदयाल जी बोले  “ हाँ अब हम यही रहेंगे।” एक टूक शब्दों में कह किशोर अपना सामान लेकर एक कमरे में चला गया  बेटा बहू का उतरा चेहरा देख कर रामदयाल … Read more

झांसे में आना – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

मीना के घर में एक किरायेदार बहुत दिनों से रह रहा था। उसका परिवार किसी गांव में रहता था,पर मीना ने कभी पूछा नहीं। खाना पीना वह अपनी फैक्ट्री में ही करता था। कभी कभी उसे पैसों की जरूरत होती तो वह अपनी मकान मालकिन से मांग लेता और वेतन मिलते ही लौटा देता। इस … Read more

पता नहीं किस जमाने में जी रहीं हैं आप ! – सुषमा यादव: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मधु ने अपनी मां को फोन किया। मां, गांव के बगल वाले भैया का फोन आया था कि दीपू की आंख में मोतियाबिंद हो गया है।आप सब परेशान हैं कि यहां छोटे से गांव में कैसे करायें। अम्मा जी,आप और बाबू जी भाई को लेकर हमारे पास आईए, मैं उसका … Read more

प्यार के दो बोल… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “समझ नहीं आता किसी किसी की ज़िन्दगी ऐसी क्यों हो जाती है ….जो सबके लिए सोचता हो ….करता रहता हो ….वही हमेशा प्यार के दो शब्दों के लिए तरस जाता है…..उस बेचारी का बचपन यूँ ही तानों में गुजर गया और अब जाकर शायद उसकी ज़िन्दगी में प्यार के रस … Read more

प्रेम… तेरे कई रूप – शिप्पी नारंग : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : गाड़ी के चलते ही सविताजी की आंखे धुंधला सी गईं उन्होंने घबरा कर आंखों को पोंछा लेकिन आंखे थी कि फिर फिर भर जाती थीं और फिर उन्हें समझ आया कि उनकी आंखे आंसुओं से भरी जा रही थी अब ये आंसू सुख के थे या पश्चाताप के उन्हें ही … Read more

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