किस्मत का खेल- आरती झा आद्या   : Moral stories in hindi

इसे किस्मत का खेल ही कहेंगे कि कभी एक जोड़ी कपड़े में मायके से विदा की गई संविदा आज दुल्हन की तरह सजी दर्पण के सामने बैठी थी। संविदा की ऑंखें अपने पहने हुए लहंगे पर हाथ फेरती तरल हो गई थी। आज उसकी पंद्रहवीं वैवाहिक वर्षगांठ था, जिसके लिए उसके सास ससुर और दोनों … Read more

बारिश का इश्क (भाग – 9 ) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

“चल कुछ लेकर आया जाए।” ये कहते हुए संगीता की नजर उस पर पड़ी।  “मजनूं बैठा है तेरी बगल में।” कुछ जोर से संगीता ने कहा।  “क्या कह रही है तू?” मैंने आँखें तरेरी। “तुम यहाँ कैसे?” संगीता ने उससे पूछा और मैंने मुस्कान बिखेरी।  “जैसे तुम दोनों यहाँ, सिनेमा देखने।” उसने भी उसी तरह … Read more

किस्मत का खेल- पूजा मिश्रा   : Moral stories in hindi

 आज कुसुम की शादी है ,उसके परिवार रिश्तेदार सब आंखे फाड़े उसकी शादी का स्वागत और दहेज देख रहे थे ,रात दिन काम में लगी रहने वाली कुसुम शादी के जोड़े में बहुत सुंदर लग रही थी ।       मिसेज अग्रवाल  चेयर पर बैठी सब इंतजाम देख रही थी आज उनके मन से कुसुम की सेवा … Read more

वाह री किस्मत – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral stories in hindi

शिवांगी ने बेटी से साफ -साफ कह दिया था,कि अब शादी के लिए मन बना लें।नौकरी करते हुए दो साल हो गए थे।ईश्वर की कृपा थी कि वह मान गई। मैट्रिमोनियल पर ढुंढ़ाई शुरू हुई।सजातीय लड़का मिल रहा था ,तो नौकरी अच्छी नहीं थी उसकी।नौकरी अच्छी -खासी थी तो,दिखने में सुपुरुष नहीं। खोज-बीन करते-करते ही … Read more

जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होंगी बस समय को चुराना पड़ेगा – निशा जैन  : Moral stories in hindi

बधाई हो शशि जी अब तो तीनों बच्चों की शादी हो गई,( दो बेटा और एक बेटी) सारी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गई आप। देखते हैं सुलोचना जी जिम्मेदारी से मुक्त हुई हूं या जिम्मेदारी बढ़ेगी समय के साथ… अरे भाग्यवान अब कौनसी जिम्मेदारी बढ़ेगी तुम्हारी? अब तो मेरे साथ चारधाम की यात्रा पर चलो…. … Read more

मुहल्ले की सबसे पुरानी निशानी – डा. इरफाना बेगम  : Moral stories in hindi

हमारे घर की वह बुजुर्ग महिला जिनके चेहरे पर गजब का तेज था झुर्रियों से भरा शरीर होने के बाद भी गजब की फुर्ती थी उनमें । उन्हें हम ही नही हमारे घर के बडे यहां तक कि मां और पिता जी भी दादी ही कहते थे। हमारे परिवार में उनको आये हुये काफी समय … Read more

घूघंट में चांद – बालेश्वर गुप्ता  : Moral stories in hindi

   राम राम कैसा जमाना आ गया है,ना लाज ना शर्म।छी-किसी से भी शर्म नही।       फ्लैट की बॉलकोनी में बैठे बैठे कमला बड़बड़ा रही थी।उनका  बड़बड़ाना सुन पास में ही बैठी उनकी रिश्ते की बहन बिमला बोली कमला क्या हुआ,क्या हो गया है जमाने को?        री,देख इस पार्क में ये लड़की लड़के के हाथ को पकड़े … Read more

वो लड़की – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

 उसे फ़िक्र नहीं थी कि उसकी क़िस्मत की लकीरों में क्या लिखा है… वो बस अपनी ही धुन में ज़िन्दगी जीने की चाह लिए जी रही थी…. उसे पहली बार मैं अनाथ आश्रम में देखी…. वो तक़रीबन पाँच साल की होगी….अपने छोटे बेटे के  जन्मदिन पर मैं उस आश्रम में गई थी… सभी बच्चों के … Read more

बाँझ कौन..? – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    ” दीदी….बाहर कोई महिला बेहोश पड़ी है…उनका क्या करे? ” विद्या नाम की सेविका ने सुनिधि से कहा जो अपनी कुर्सी पर बैठी मेज पर पड़ी फ़ाइलों को एक-एक करके ध्यान-से देख रही थी।            करीब आठ साल सुनिधि ने ‘ आनंद-आश्रय ‘ का कार्यभार संभाला था।दरअसल आनंद-आश्रय’ एक वृद्धाश्रम था जहाँ वृद्ध-वृद्धा रोते हुए तो … Read more

जमाना बदल गया है – अर्चना खंडेलवाल

“तूने सरला की बहू को देखा, कैसे कपड़े पहन रखे हैं, ना जाने कैसा जमाना आ गया है, आजकल की बहूओं को जरा भी शर्म नहीं आती है, बड़े-बुजुर्गों से तो जरा भी परदा नहीं करती है, साड़ी तो पहनना ही छोड़ दिया, सलवार कमीज पर दुपट्टा भी लेना जरूरी नहीं समझती है, और वो … Read more

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