किस्मत का खेल- आरती झा आद्या : Moral stories in hindi
इसे किस्मत का खेल ही कहेंगे कि कभी एक जोड़ी कपड़े में मायके से विदा की गई संविदा आज दुल्हन की तरह सजी दर्पण के सामने बैठी थी। संविदा की ऑंखें अपने पहने हुए लहंगे पर हाथ फेरती तरल हो गई थी। आज उसकी पंद्रहवीं वैवाहिक वर्षगांठ था, जिसके लिए उसके सास ससुर और दोनों … Read more