दूरदर्शिता – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi
“-अरी बहू! अगर तुम दोनों मां बेटी की गुटर गूं खत्म हो गई हो तो अब जाकर उसे स्कूल के लिए बस स्टॉप पर छोड़कर आओ…वापस आकर आगे भी कुछ काम करने हैं या नहीं। तुम्हारा आधा समय तो इसे पहुंचाने और लाने में ही बीत जाता है…. और फिर हड़बड़ी में जैसा तैसा काम … Read more