जिंदगी सुख कम दुख ज्यादा देती है – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

बेटा ये दवाई खत्म हो गई थी जरा ले आना रात को खानी है ! जी बाबूजी अभी ले आऊंगा दफ्तर से सूरज आ कर बैठा ही था की बाबूजी ने याद दिलाया अंदर से शोभा पानी ले आई उसे पनीर मंगाना था उसका बेटा कई दिनों से जिद्द कर रहा था तो शोभा ने … Read more

बंद करो अपना ये नाटक! – संध्या सिन्हा : Moral stories in hindi

“गोल्स पाने की खुशी तभी महसूस होती है, जब उसे किसी के साथ शेयर कर सको।” यह सोच कर हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए हुए रोहनी घर में प्रवेश करती है । तभी सोमेश कहता है मां ! ” क्या आज फिर आपको छोड़ने मनोज जी आए थे” ? हां तो ? तुमने आज … Read more

सही राह बनाए रिश्तों मैं चाह – अंजना ठाकुर  : Moral stories in hindi

आज नमिता अपनी ननद विधि के कमरे से बाहर से गुजर रही थी तो उसे सुनाई दिया की विधि अपने पति से बात करती हुई कह रही है की तुम जब तक अलग रहने का इंतजाम नहीं कर लेते मैं वापस नहीं आने वाली । विधि की शादी को अभी सात महीने ही हुए थे … Read more

मोबाइल से खाना मांग लो – बीना शर्मा : Moral stories in hindi

“मम्मी जी जल्दी से खाना दो बहुत जोर से भूख लगी है आज सुबह से मैंने रोटी का एक टूकडा भी नहीं खाया“अमित ने अपनी मम्मी अनुसूया से कहा तो अमित के ऐसे शब्द सुनकर अनसूया का खून खौल  उठा था दरअसल अनसूया को कई दिनों से बुखार आ रहा था जिसके बारे मे उसने … Read more

बदलती सोच – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

राजन व मीरा ने पूरे पांच साल की कोर्ट शिप के बाद लव कम अरेंज मैरिज कीं थी। लव-मैरिज तो थी ही लेकिन राजन की मां ने बहुत समय लगाया मीरा को अपनी बहू मानने में,कयोंकि राजन व मीरा की जाति में अलग-अलग थी।आखिर राजन ने भी अपनी मां को मना ही लिया था।राजन के … Read more

सुलझी हुई बहुरानी – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

जया , पिंटू , ललिता सब कहां मर गये…. जल्दी आओ यहां ….. रंजन जी घबराते हुए, पत्नी, बेटे, बहू को आवाज लगाते है …… क्या हो गया पापा…. क्यूँ रात के दो बजे चिल्ला रहे है … मोहल्ले में भी सब जाग गये होंगे आपकी आवाज से….. क्या हुआ….??? बोलिये…… बेटा पिंटू टी -शर्ट … Read more

ऐसे शब्द सुनकर मेरे खून खौल गये – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

उपरी तल्ले में जोर-जोर से सामान पटकने… राहुल के चीखने और मीनू की सिसकियों की आवाज़ आ रही थी।  नीचे रमा का हृदय व्यथित हो गया। इसी उठा-पटक तेज मिजाज बदजुबानी के कारण आपस में बोल-चाल बंद थी।  लेकिन  सहृदय रमा का दिल हाहाकार कर बैठा, “जो भी हो हैं… देवर देवरानी ही न… बिना … Read more

जरूरत और फिजूलखर्ची मे फर्क – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” ये क्या बहू इतनी सारी खरीदारी करके आई हो तुम पर क्यो ?” सास उमा जी ने बहू स्नेहा के हाथ मे बैग देख कहा। ” मम्मी जी बस थोड़े से कपड़े ही तो है !” सोफे पर बैठती हुई स्नेहा बोली। ” पर बेटा अभी तुम्हारी शादी को छह महीने ही तो हुए … Read more

मन का अन्तर्द्वन्द – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

एक एक करके शिवानी के परिवार ने अंतिम विदाई ले ली थी। पहले सास, फिर पति और अब ससुर जी ने भी। मायके में भी दो भाई, मां और अब पिता जी भी उसे छोड़ कर चले गए। इतना बड़ा घर। शिवानी को बहुत अकेलापन महसूस होता है।। नौकरी से भी रिटायर्ड हो गई है।। … Read more

पापा बस एक वचन चाहिए – बीना शर्मा : Moral stories in hindi

“ना मुझे आपके पैसे चाहिए ना मुझे आपकी संपत्ति चाहिए पापा बस एक वचन चाहिएl “राजेश ने अपने पापा हिरामल से कहा दरअसल कुछ साल पहले राजेश के बड़े भाई राकेश की शादी बेहद संस्कारी और स्वाभिमानी रीना के साथ हुई थी जिसने आते ही उनके घर को स्वर्ग बना दिया था सुबह 4:00 बजे … Read more

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