क्या करूं, इज़हार करने में थोड़ा कच्चा हूॅ॑!- -प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

“आज तुम परेशान लग रही हो, सुधा! थकान भी झलक रही है तुम्हारे चेहरे पर। तबीयत तो ठीक है ना तुम्हारी?” राकेश के मुंह से सुनकर भी सुधा को कोई फर्क नहीं पड़ा वो तो अपने में खोई कुछ हिसाब किताब कर रही थी वहीं कुछ जोड़- गुणा करते हुए बोली,” सुनिए, इस महीने से … Read more

विश्वास का नतीजा – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

रघु …जल्दी से बाजार जाकर 10 समोसे, तीन कोल्ड ड्रिंक की बोतल, बर्फी और कुछ चॉकलेट कुरकुरे और चिप्स के पैकेट लेते हुए आना…खुशी से उत्साहित रश्मि ने अपने नौकर रघु को 1000₹देते हुए कहा! दरअसल आज रश्मि के मायके वाले यानी कि उसके पापा मम्मी भैया भाभी और भतीजा भतीजी आ रहे थे! वह … Read more

कृतघ्नता – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 पर ये तो बताओ ना, हमने तो संजू को अपने बच्चे की तरह ही पाला पोसा, तुम्ही बताओ कभी मन मे भी उसके प्रति धुरात आयी?फिर उसने हमारे साथ इतना बड़ा विश्वासघात क्यूँ किया? भागवान, अब छोड़ इस बात को,हमारी परवरिश में ही कोई कमी रह गयी होगी,तभी संजू ने ऐसा किया।मलाल तो बस इतना … Read more

दिल का रिश्ता तो किसी से भी जुड़ सकता है – : Moral Stories in Hindi

भाभी कल मुझे लड़के वाले देखने आ रहे हैं अच्छा संजना चहक उठी ।ये तो बड़ी अच्छी बात है,ये बता तूने कुछ तैयारी वैयारी की है कि नहीं कैसी तैयारी भाभी अर्चना बोली ।अरे थोड़ा पार्लर वारलर चली जा शक्ल सूरत ठीक करा लें ,और हां क्या पहन रही है । मम्मी कह रही है … Read more

जिंदगी कीमती है- अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

ये क्या अनर्थ कर दिया एक ऐसी लड़की को तू अपने घर की बहू बना लाया जिसकी बारात वापस चली गई  कुसुम आंखे निकालती हुई बोली और लता डर के कारण सुहास के पीछे छिप गई । सुहास बोला मां मेरी बात तो सुनो अगर बारात वापस चली गई तो इसका क्या दोष है ऐन … Read more

परवाह – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

पिता जी की तबियत ठीक है ना मां बड़ा बेटा दीप फोन पर पूछ रहा था और मां सोच में पड़ गई कि क्या जवाब दूं।सही सही बता दूं या….!! ऐसे क्यों पूछ रहा है बेटा उसीके प्रश्न को घुमा दिया था मां ने। नहीं वो क्या है ना पिताजी से कई दिनों से बात … Read more

पूर्णिमा का चाँद – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

आज अरुंधति बहुत खुश थी उसका देवर नीलेश जिसे उसने सास ससुर की असमय मृत्यु के बाद बच्चे की तरह पाला था। उसने अपने भावी जीवन के लिए एक लड़की प्रिया को पसंद किया था। अब वो उसे लेकर अरुंधति और उसके पति राघव से मिलाने ला रहा था। सुबह से ही अरुंधति बहुत चाव … Read more

ये क्या अनर्थ कर दिया तुमने – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

सत्यम का मन ऑफिस में भी नही लगा.. घर भी जाने की इच्छा नहीं थी खाली खाली सा ये घर !जहां नेहा और निधी की शरारतों से घर का कोना कोना चहकता रहता था.. मां बाबूजी की उदास डबडबाई आंखे उफ्फ! कैसे सामना करूं.. भगवान तू मेरी कैसी परीक्षा ले रहा है.. अर्चना तूने #ऐसा … Read more

पति से पंगा – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“कुछ दिनों से ऐसा लगता है सब काम गलत ही हो रहा है… जिस काम में हाथ डालो… वही उल्टा पड़ जाती है… क्या करूं कुछ समझ में ही नहीं आ रहा…!” सुमति जी ने अपनी मां के बाल बनाते हुए कहा…  सुमति जी की मां अभी दो दिन हुए उनके पास आई थी… मां … Read more

टीवी रिश्तों को जोड़ने का जरिया – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

आज जब राखी टीवी पर रामायण देख रही  थी तो सहसा अपने बचपन  में चली गई   जब सब मोहल्ले वाले  साथ  में शटर वाली टीवी पर रामायण, महाभारत, रंगोली, चित्रहार और फिल्में देखते तो त्यौहार जैसा माहौल हो जाता था। जब  सब मिलकर हंसते, बोलते,खाते ,पीते हुए टीवी का आनंद लेते थे बहुत मजा आता … Read more

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