गुनाह- डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सारे मंसूरपुर गांव में मास्टर साहब दीनानाथ जी की उदारता, विद्वता के चर्चे थे।वो सिर्फ एक अच्छे टीचर ही नहीं ,बहुत अच्छे इंसान भी थे।जो भी गरीब, लाचार आता द्वारे पर उसे शिक्षा,भोजन,वस्त्र सब से नवाजते, मजाल है कोई खाली हाथ चला जाए।उनकी संतान रघु,सीता और विनायक तीनों ही बहुत संस्कारी थे,हालांकि अब उनकी पत्नी … Read more

ढोलक बजाने वाला- मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

अबे हेमन्त तू यहां मंदिर में और कबसे तू ढोलक बजाने लगा वे अभय और उसके दो दोस्तों ने हेमंत को मंदिर में ढोलक बजाते हुए देखकर बोले । सामने अभय को देखकर हेमन्त सकपका गया।                     अभय और हेमंत साथ में पढ़ते थे । सब उसको जमादार, जमादार कहकर चिढ़ाते थे क्योंकि उसके पिता जी … Read more

अपना किया हुआ लौट कर आता है मां- सिन्नी पान्डेय : Moral Stories in Hindi

ये कहानी है सोना की जो एक कुलीन ब्राम्हण परिवार की इकलौती बहू है और शादी को 8 साल हो चुके हैं,एक बेटे की मां है पर आज भी वो एक नवविवाहिता की भांति हर दिन अपने को साबित करने और अपना अस्तित्व तलाशने में जुट जाती है। आइये आपका परिचय कराते हैं सोना के … Read more

कृतघ्नता- बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पर ये तो बताओ ना, हमने तो संजू को अपने बच्चे की तरह ही पाला पोसा, तुम्ही बताओ कभी मन मे भी उसके प्रति धुरात आयी?फिर उसने हमारे साथ इतना बड़ा विश्वासघात क्यूँ किया?       भागवान, अब छोड़ इस बात को,हमारी परवरिश में ही कोई कमी रह गयी होगी,तभी संजू ने ऐसा किया।मलाल तो बस इतना … Read more

बेजुबान- अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

ये क्या अनर्थ कर दिया ये बिल्ली के बच्चे कहां से उठा लाया तुझे पता नहीं घर मैं बिल्ली पालना अशुभ होता है दादी पोते यश के हाथ मै बिल्ली के बच्चे देख चिल्लाई । अरे दादी ये  बिल्ली ने सड़क किनारे बच्चे दिए है अब कुत्ते ने देख लिए तो उनको मारने आ रहा … Read more

ये क्या अनर्थ कर दिया तुमने- संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

हमारे पड़ोस में रहने वाली सरला जी छोटा सा परिवार  था, सरला जी एक   इंटर कॉलेज में हिन्दी की टीचर थी  और उनके पति ए.जी. ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर। बड़ा बेटा बैंक में पीं.ओ. है और बहू कॉन्वेंट स्कूल में टीचर, बेटी भी एमबीए कर चुकी हैं… उसी की शादी के लिए लड़का देख … Read more

मायका..अपना या पराया – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

ट्रेन अपनी रफ्तार में तेजी से भागे जा रही थी,नीलू एकटक खिड़की में मौन साधे गुमसुम सी अपनी दुनिया मे मग्न थी। पुरानी बातें जेहन में बार बार घूम रही थी। माँ हमेशा कहती थीं-“ऐसे मत करो, वैसे मत रहो, ऐसे पहनो,वैसे न पहनो। तरीके से रहना चाहिए, क्योंकि बेटियों को पराये घर जाना है, … Read more

विश्वास का नतीजा – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 रघु …जल्दी से बाजार जाकर 10 समोसे, तीन कोल्ड ड्रिंक की बोतल, बर्फी और कुछ चॉकलेट कुरकुरे और चिप्स के पैकेट लेते हुए आना…खुशी से उत्साहित रश्मि ने अपने नौकर रघु को 1000₹देते हुए कहा! दरअसल आज रश्मि के मायके वाले यानी कि उसके पापा मम्मी भैया भाभी और भतीजा भतीजी आ रहे थे! वह … Read more

ये क्या अनर्थ कर दिया तुमने –  पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

2 दिन से निकिता गुमसुम सी नजर आ रही थी, ना ही बच्चों से बात कर रही थी और ना अनिल से। बस जरूरत के मुताबिक ही बोल रही थी, बच्चों ने दो-तीन बार पूछा भी मम्मी आप क्यों नहीं बोल रही हो क्या हुआ है आपको, कुछ नहीं हुआ है मुझे हर बात बच्चों … Read more

पुरानी या सही सोच – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“ ये क्या अनर्थ कर दिया तुमने… तुम्हें किसी ने बताया नहीं है ये तुम जैसे लोगों के बैठने के लिए बिस्तर नहीं लगाया गया है…. नीचे ज़मीन पर बैठ कर खाना चाहिए था… देखो इसको कैसे बेशर्मों की तरह बिस्तर पर बैठ कर खा रहा है।” रत्ना जी जोर जोर से भुवन से कह … Read more

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