ज़िम्मेदारी बराबर की – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“अच्छा सुनो एक गुड न्यूज़ है…  भैया की बेटे की शादी तय हो गई है  दो दिन बाद सगाई है हमें जाना है।”निलय ने नीरा को ऑफिस से फोन कर के गुड न्यूज़ देकर पैकिंग करने को कह दिया  नीरा कुछ कहती इससे पहले निलय ने फ़ोन रख दिया  शाम को जब निलय ऑफिस से … Read more

ससुराल से सम्पन्न मायका भी आफत बन जाता है – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” ये क्या शुभम!! तुमने कहा था शादी के बाद हम विदेश घूमने जाएंगे…. लेकिन ये मनाली की टिकट…. !!!!! तुम्हें पता है मेरे भईया – भाभी अपनी शादी के बाद स्विट्जरलैंड गए थे…. और मेरी फ्रैंड भी अपने हनीमून पर आस्ट्रेलिया गई थी । सब मेरे बारे में क्या सोचेंगे….?? ,, पिहू नाराज होते … Read more

वे शिकायतें जो कभी कही न गई – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“क्या मम्मी, आजकल घर कितना फैला रहता, आप ध्यान नहीं रखतीं “बेटे जलज ने सुनीति से शिकायत की।सुनते ही पति कमल भी चालू हो गये,”तुम्हारी माँ को सहेलियों, किट्टी से फुर्सत मिले तब न ध्यान देंगी..”। उधर सासू माँ भी कहाँ पीछे रहने वाली,”आजकल की बहुओं के नखरे भी ज्यादा हैं, सारा दिन घर में … Read more

काम करने की कोई उम्र नहीं होती – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“सुमिता बुटीक कलेक्शन” बड़े बड़े अक्षरों में लिखे इस नाम को देख कर आसपास खड़े सारे लोग सुमिता जी को बधाई दे रहे थे…सब की नज़रें कौतूहल से सुमिता जी को ही देख रही थी आख़िर पचास साल की उम्र में ये सब करने की हिम्मत कहाँ से जुटा सकी । इधर बाहर गेट पर … Read more

मतभेद, – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

एक सप्ताह के लिए ऑफिस के काम से अपने शहर में अर्थात मायके जाने का मौका मिला है.. मां के साथ कुछ खूबसूरत सकूं भरे पल बीतेंगे सोच कर कितना अच्छा लग रहा है…                     जानी पहचानी सी सड़क और आड़ी तिरछी गलियों से होकर पहुंच हीं गई अपनी मां के पास…शुभाआ मां गले से लग … Read more

सीमा रेखा – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

बेटा… अगर हो सके तो तुम्हारी सैलरी आते ही इस बार सबसे पहले मेरा चश्मा बनवा देना या फिर नया ही दिलवा देना… बड़ी तकलीफ होती है बेटा… चश्मा के बगैर… अशोक जी ने अपनी बेटे नामित से कहा  नामित:   आपका ना मुझे समझ नहीं आता पापा… हर बार सैलरी आई नहीं उससे पहले … Read more

ये कैसी सीमा रेखा – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ माँ तुम पिता जी को समझा दो … मुझे अभी शादी नहीं करनी है और ये लड़कों के घर जा जाकर उन लोगों से मिलना छोड़ दें… मुझे अभी बहुत पढ़ाई करनी है और शादी ब्याह के पचड़े में जरा भी नहीं पड़ना।” ग़ुस्से में पैर पटकती नैना अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर … Read more

घर की बेटी अब और ना सहेगी। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

मालती का मन बड़ा ही बेचैन था, सुबह से शाम हो गई पर वो कोई निर्णय नहीं ले पा रही थी, विनोद के ऑफिस से आने का समय हो गया था, उसने खाने की तैयारी कर ली और बेचैनी से बॉलकोनी में टहलने लगी, हर आती -जाती कार पर उसकी निगाह थी, जैसे ही विनोद … Read more

सुबह का भूला – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

हैरान परेशान… पूजा ने घर में घुसते ही हंगामा मचा दिया, ” आखिर कबतक बर्दाश्त करुं। घर का काम मैं करुं, पैसे कमाकर मैं लाऊं… बच्चे मैं पालूं, तुम्हारे मां-बाप की सेवा करुं और तुम मुझे आंखें तरेरो” नन्हे  बच्चे सहम गये। वृद्ध सास-ससुर  पूजा के इस रोज के नाटक को चुपचाप देखते रहे।  सोफे … Read more

अपने लिए आवाज़ स्वयं उठानी पड़ती है! – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

क्या करूं,आज  दत्ता सर बाहर गए हैं , मतलब अपना काम लैब में थोड़ी देर से भी शुरू कर सकती हूं.. मतलब करना तो है ही.. पहले कैंपस के बाहर जो  चाट का ठेले वाला खड़ा होता है, उससे गोलगप्पे खा कर आती हूं। गोलगप्पे!! इसकी तो कल्पना कर के ही प्राची का मुंह गोलगप्पे … Read more

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