विरासत का फैसला – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

शर्मा परिवार का गाँव एक छोटा लेकिन संपन्न गाँव था। इस गाँव में स्थित विशाल हवेली में दादाजी रामलाल शर्मा अपने चार बेटों और उनके परिवारों के साथ रहते थे। दादाजी ने अपने जीवनभर की मेहनत से एक विशाल संपत्ति अर्जित की थी। उनके निधन के बाद, इस संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार में … Read more

प्यार के दो चार दिन – निभा राजीव “निर्वी” : Moral Stories in Hindi

प्रशांत ने जैसे ही कार्यालय में प्रवेश किया प्रतिदिन की भांति सदानंद बाबू उसे देखकर मृदुलता से मुस्कुरा दिए।  सदानंद बाबू इस कार्यालय के सबसे वरिष्ठ कर्मचारी थे। अब सेवानिवृत होने में उन्हें बस 4 महीने बचे थे, इसलिए कार्यालय में सभी उनका बहुत सम्मान करते थे। और उनका व्यवहार भी सभी के प्रति बहुत … Read more

प्रेरणा – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अस्पताल में बेड पर लेटी प्रज्ञा के आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। हाल ही में उसे ब्रेन ट्यूमर का पता चला जो कि बहुत ही क्रिटिकल स्टेज में था। उसे ऐसा महसूस हो रहा था  ज़िन्दगी ने एकबार फिर से उसे हाशिए पर लाकर पटक दिया हो। “मेरे साथ ही … Read more

मतभेद – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

हर रिश्ते में मतभेद और गलफहमियाँ होती हैं।कुछ लोग बीच में पड़कर उस मतभेद को बढ़ावा देते हैं,परन्तु अगर थोड़ी सूझ-बूझ से काम लिया जाएँ,तो मतभेद को दूर कर सम्बन्ध को फिर से सँवारा जा सकता है। मीता और नीता जुड़वा बहनों में बचपन से ही मतभेद रहा है।थीं तो दोनों जुड़वाँ,परन्तु दोनों एक-दूसरे के … Read more

मैं अपराजिता – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अपराजिता एक जिंदगी को भरपूर जीने वाली एक अल्हड़ लड़की जिसके लिए अपने सपने जितने जरूरी थे उतना ही जरूरी था परिवार का साथ और खुशी। पर उसकी खुशियों को लगता था किसी की नजर लग गई। क्या हुआ था ऐसा जानने के लिए चलते हैं कुछ समय पहले… “बेटा तुम्हारी पढ़ाई भी लगभग पूरी … Read more

मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

हेलो बेटा प्रतिमा निपट गई जेठानी के लड़के की शादी से फ्री हो तो  बात करूं , हां मम्मी निपट गई। इतनी उदास सी क्यूं है निपटाया तो सब तूने ही होगा तेरी जेठानी तो कुछ कर नहीं पाती शरीर बेकार कर रखा है लेकिन ठसक अभी भी बहुत है । हां मम्मी सही कह … Read more

मतभेद जरूर हैं पर मनभेद नही – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

रीना और रमेश की अरेंज कम लव मैरिज थी। दोनो एक ही कंपनी में साथ काम करते थे , एक ही जाति बिरादरी से थे, एक दूसरे को पसंद करते थे तो घर वालों की सहमति से दोनो की शादी बड़े धूमधाम से संपन्न हो गई ।  शादी के एक साल बाद रीना को बेटा … Read more

बद्दुआओं के फलस्वरूप दुआओं में मिली है बेटियाँ…. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ सुनो कल दोनों बच्चियाँ घर आ रही है त्योहार पर छुट्टियाँ मनाने तुमने उनकी पसंद का सब सामान ले लिया है ना और हमारे नन्हे शैतानों को कोई कमी नहीं होनी चाहिए ध्यान रहें ।” सिन्हा जी पत्नी सुमेधा जी से बोले “हाँ जी सब ले लिया है…. आप चिंता न करो..और मैंने उस … Read more

पड़ोसन से लिया बदला – नेकराम : Moral Stories in Hindi

दिल्ली के पीतमपुरा में बड़े भाई की शादी को एक महीना बीत चुका था भाभी को लेने के लिए मुझे ही भेजा गया अम्मा ने कहा अपने रिवाज में देवर ही भाभी को उसके मायके से ससुराल लेकर आता है पहले तो मैं आनाकानी करने लगा यह कैसा रिवाज है बड़े भैया को जाना चाहिए … Read more

आखिर उसके साथ ही ऐसा क्यों होता है? – महजबीं : Moral Stories in Hindi

भावना अक्सर सोचती  कि  आखिर उसके साथ ही ऐसा क्यों होता है? लोग उससे बार-बार अपना काम निकालते हैं और जब भावना को मदद चाहिए होती है तो वो कोई बहाना बना कर निकल जाते हैं। और कुछ दिन बाद फिर उसके सामने बेचारे बन कर आ जाते हैं। और वो तो थी कोमलमन की, … Read more

error: Content is protected !!