मै दिखा दूंगी बहू को कैसे रखते है… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

शीला जी एक दबंग महिला थी… सास के रूप में भी थोड़ा कड़क..।   शीला जी की तीन  बहुएँ है.।  जिंदगी ठीक चल रही थी,.. पर बहुओं को हमेशा व्यस्त रखती…. पारंपरिक घर… कितनी भी भूख हो बहुएँ सब को खिलाने के बाद ही खाती थी..। सारा काम करती थी, फिर भी सासुमां की कसौटी … Read more

अब यही हमारा घर हैं !! – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

मुरली प्रसाद जी बैठे बैठे कविता लिख रहे थे कि उन्हे अपनी बहू राखी की आवाज सुनाई दी जो उनके बेटे कमल से कह रही थी देखा कैसे बैठे बैठे तुम्हारे बाबुजी ने खर्चा करवा दिया हमारा , मैं तो परेशान हो गई हुं इनसे , मुझसे नहीं होने वाली इनकी सेवा वेवा , पहले … Read more

मदद – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

रोज की तरह आनन  फानन में अपना सुबह का काम निबटाकर सुधा अपने स्कूल के लिए निकली ही थी कि सामने फिर वही औरत पड़ गई। “दीदी सुनिए जरा..!!मेरा बेटा भूखा और बीमार है। कुछ खाने के लिए पैसे दे दो!! सुधा को झुंझलाहट हुई। वैसे ही देर हो रही है अब यह कहाँ से … Read more

मतभेद – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

प्रशांत और भवानी के तीन बच्चे थे । दो बेटे सुभाष और शरत एक बेटी शालिनी । प्रशांत रेवेन्यू डिपार्टमेंट में क्लर्क थे । पति पत्नी का एक ही मक़सद था कि बच्चों को अच्छे संस्कार देना और खूब पढ़ाना । उन्होंने बच्चों को बहुत पढ़ाया बड़ा बेटा सुभाष ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और … Read more

मतभेद – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

तुनकमिजाज सरिता का मायके में एक सप्ताह में दूसरा चक्कर था , ससुराल लोकल था ,सो थोड़ा सा भी कुछ ऊपर नीचे होता , तुरंत मायके आ धमकती। शुरू शुरू में तो मां ने सोचा कि अभी शादी को दो ही महीने हुए हैं कुछ समय बाद ससुराल में रच बस जायगी।लेकिन आज उसको देख … Read more

मेरा अधूरा प्यार – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

जब भी सावन का महीना आता है जाने क्यों गौरी तुम्हारी यादें तुम्हारी बातें और तुम्हारा वो पूरे अधिकार से मुझे आदेश देना दीपक तुम्हे आईईएस (इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विस)निकालना हीं होगा.. स्मृतियों के बंद झरोखों से पछुआ हवा सा  आस पास मंडराने लगते हैं.. और उस रोज शाम के समय अस्सी घाट की सीढ़ियों पर … Read more

जहरी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनको दूसरों के मामलों में टांग अढ़ाने की आदत होती है और कुछ लोग इधर की बात उधर करने में माहिर होते हैं और वह भी मिर्च मसाला और चाट मसाला डालकर। ऐसी ही औरत थी जहरी देवी।  उनके घर के सामने वाले घर में सुशीला और प्रमिला रहती थी। … Read more

दूरदर्शन वाला प्यार – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

कन्नू ओ कन्नु कहां जा रहा है मायके आई सुषमा ने अपने बेटे कनिष्क को आवाज लगाते हुए पूछा तो कन्नु बोल क्या मां यहां नानी के घर भी आपकी पहरेदारी चलती रहेगी क्या ? गर्मियों की छुट्टियां हैं और यहां लाइट भी कितनी कम आती है कैसे मन लगेगा? मैं बस पड़ोस वाली तन्वी … Read more

वो आपकी पत्नी है काम वाली बाई नहीं – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ आहहह” कहते हुए राशि कमर पकड़ कर बैठ गई “ क्या हुआ माँ…. ये क्या तुम कपड़े का टब लिए यहाँ वहाँ से कपड़े इकट्ठे कर रही हो… पता है ना तुम्हें ज़्यादा झुकने पर कमर दर्द की समस्या हो जाती है।” दीया ने राशि से कहा राशि वही पास में रखे काउच पर … Read more

दहलीज – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

यहीं वो दहलीज हैं, जो बरसों पहले मैंने छोड़ दी थी ..।बरसों की मेहनत ने उसे आज इस दहलीज को पार करने का हक़ दिला दिया.। अनूप के साथ खड़ी मै, और सामने आरती का थाल लिए माँ जी..। सिर्फ सपना ही देखा था.. यथार्थ तो आज देख़ रही हूँ.। मै यानि नेहा… एक साधारण … Read more

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