हक – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

छोटे भाई राजा का फोन देखकर आश्चर्य हुआ.. बहुत दिनों बाद. कॉल बैक किया.. उधर से आवाज आई दीदी सप्तमी तिथि को पापा का श्राद्ध  का दिन पड़ा है. ओह पापा को दुनिया से गए एक साल हो गया.. उधर राजा बोल रहा था पहला पितृपक्ष  है इस बार इसलिए पंडित जी ने जैसे जैसे … Read more

“मुझे माफ कर दो पापा ” – कमलेश आहूजा  : Moral Stories in Hindi

नेहा अरमान के प्रेम में इतनी पागल हो गई थी कि उसको कुछ भी सुध नहीं थी।कब वो उसको अपने काम के लिए इस्तेमाल करने लगा उसको पता ही नहीं चला। बस वो उसके मोह जाल में फँसती चली गई और अरमान उसका फ़ायदा उठाने लगा। नेहा की माँ ने उसे बहुत समझाया लेकिन वो … Read more

खानदान की इज्जत – निशा जैन   : Moral Stories in Hindi

सेजल घर से बाहर जाती तो काॅलोनी की औरतें कहती कैसी बहू ले आए कपड़े पहनने का ढंग ही नहीं, साड़ी पहनना तो दूर, सूट का दुपट्टा भी सिर पर नहीं रखती। शर्मा जी की बहू खानदान की इज्जत मिट्टी में मिलाने में कोई कमी नही रखती। सेजल जब भी अपने काम पर जाती तो … Read more

परवाह – बीना शर्मा   : Moral Stories in Hindi

शांतनु सुबह-सुबह अपने ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था कि तभी उसकी पत्नी शीला उसके लिए थाली में गरम गरम खाना परोसकर लाई जिसमें उसके मनपसंद व्यंजन रखे थे। यह देखकर शांतनु शीला से बोला” रात मैं तो तुम कह रही थी कि तुम आज के बाद कभी मेरे लिए खाना नहीं बनाओगी … Read more

खानदान की इज्जत – रोनिता कुंडु   : Moral Stories in Hindi

सुनिए जी… आपको कुछ कहना था… मम्मी के बारे में गीतिका ने अपने पति शशांक से कहा…  शशांक:  अरे यार… फिर से शुरू मत हो जाना तुम… दिन भर काम करके बंदा घर आकर दो घड़ी चैन से सोएगा या फिर घर की महाभारत सुनेगा..? सोने दो मुझे चैन से और खुद भी सो जाओ… … Read more

अपना घर अपना ही होता है – के कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

घनश्याम जी के गुजर जाने के बाद उनके दोनों बेटों ने अपनी माँ को बाँट लिया था । सीता किसी के भी पास नहीं जाना चाहती थी । उसे लगता था कि मैं अपने ही घर में पति की यादों के सहारे जी सकती हूँ । अपना घर तो अपना ही होता है । लेकिन … Read more

बेटे का प्यार – मंजू ओमर   : Moral Stories in Hindi

मम्मी मैंने नया फ्लैट ले लिया है पुनीत ने मम्मी को फोन किया । बहुत अच्छा किया बेटा अपना घर होना जीवन में तो बहुत जरूरी है ‌‌ बहुत बढ़िया, बहुत बढ़िया ।अब आप और पापा को हमारे और स्वाति के साथ ही रहना है। बहुत रह लिए अकेले अकेले । हां, हां बेटे क्यों … Read more

छतरी – लतिका श्रीवास्तव   : Moral Stories in Hindi

नहीं …..हमारे खानदान में ऐसा कभी  नहीं हुआ और जब तक मैं जिंदा हूं मैं किसी को ऐसा करने नही दूंगा.. हमेशा की तरह मैंने गुर्रा कर सबको चुप कराने की कोशिश कर दी थी। लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग दिखी मुझे ।आज पहली बार अपने घर में अपनी बात का विरोध करने के … Read more

घर कब आओगी – मधु वशिष्ठ   : Moral Stories in Hindi

ऐसा बिल्कुल नहीं था कि भावना जी अपनी बहू नीता को प्यार नहीं करती थीं या उसे कमतर समझती थीं, बस यह उनकी बहुत पुरानी आदत थी कि वह अनुशासनहीनता या कोई भी गलती सहन नहीं कर पाती थीं और उसे ठीक करने की पूरी कोशिश करती थीं। यूं भी वह गर्ल्स स्कूल की रिटायर्ड … Read more

खानदान की इज्जत बेटी नहीं बेटे के हाथ में भी होती है। – अर्चना खंडेलवाल   : Moral Stories in Hindi

आज वर्मा परिवार में रौनक लगी थी, उनकी बेटी सलोनी की सगाई का समारोह था, पूरा घर फूलों से महक रहा था, सबके चेहरे खुशी से चमक रहे थे, बड़ी मुश्किलों से सलोनी का रिश्ता हुआ था।  शशि जी अपनी पोती की बलाइयां ले रही थी, और बीना जी अपनी बेटी की नजर उतार रही … Read more

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