सुख दुख का संगम – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 वाह  कैलाश भाईसाहब… बहुत खूब…. इतने समय पहले ही भाभी हम सबको छोड़कर   करके चली गई थी जब शुभी बिटिया ने दुनिया में कदम रखा ही था … फिर भी आपने शुभी  की परवरिश इतने ढंग से की… कि  एक मां क्या करेगी… और आज विदाई के समय आपकी आंखें इतनी नम है… ये … Read more

सुख नहीं रहा तो दुख भी नहीं रहेगा…रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…आज कई सालों बाद प्रियंवदा जी ने अपनी पुरानी संदूक खोली थी…  पुराने कपड़े लत्ते… कागज पुर्जों के बीच… एक पीतल का बड़ा कलसा चमक उठा…  अपने कांपते हाथों से कलसे को उठाने की कोशिश करने लगीं… लेकिन वह इतना भारी था कि निकाल नहीं पाईं… फिर उन्होंने उस पर पड़ा ढक्कन हटाया….  उसके भीतर … Read more

सुख दुख का संगम – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

क्या बात है मालती बहुत खुश नजर आ रही हो,,? रिया ने पूछा जी मेम साहब आज हमारी शादी की वर्षगांठ है।मालती ने कुछ शर्माते हुए जवाब दिया। ओह तो ये बात है।। कितने साल हो गए रमेश को झेलते झेलते?  रिया ने कुछ अलग अंदाज में पूछा। मालती ने तुरंत जवाब दिया ;’ मेम … Read more

जीवन का आनंद – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 सुनसान सड़क पर रजनी अकेली तेज-तेज कदमों से चली जा रही थी।आज दिन की घटना रह-रहकर उसके कोमल हृदय पर चोट कर रही थी।अब वो किसके लिये जिये..उसका मर जाना ही अच्छा है..हे भगवान! कोई नदी मिले तो मैं उसमें समा जाऊँ..कोई गाड़ी ही आकर मुझे अपनी चपेट…तभी तेजी-से आती एक कार से टकराकर वह … Read more

कभी खुशी -कभी गम – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“सुनो जी एक बात कहूं!विभा ने डरते डरते अपने पति महेश से कहा!” “जल्दी कहो जो कहना है टाइम नहीं है मेरे पास?”झुंझलाकर. महेश ने जवाब दिया! “वो सिया की सहेली मीना है ना उसके चाचा का लड़का मुम्बई की एक कंपनी में इंजीनीयर है!” विभा के आगे कुछ कहने से पहले महेश गुर्रा कर … Read more

जीवन सुख दुःख का मेला * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

   समय पंख लगाकर उड़ जाता है, कल मैं अपने जीवन के ७३ वर्ष पूरे कर लूँगी। जीवन के सफर में कितने उतार चढ़ाव आए। कितने लोगों से मिली कितने रिश्ते बनाए। कितने पुराने रिश्ते छूट गए, नये रिश्ते बनते गए। सुख दुःख के मापदंड भी बदले। एक सुख जीवन में था, तो दूसरे सुख … Read more

प्रतिशोध पिता से – लतिका श्रीवास्तव   : Moral Stories in Hindi

गणपति बप्पा मोरिया….बप्पा को अपने हाथों में अपने कंधों में उठाए स्थापना के लिए घर ले जाते उत्साही भक्तों की बुलंद आवाजे आसमान छू रही थीं पटाखों की तेज आवाजें कान के पर्दे फाड़े दे रहीं थीं उमड़ता हुआ जनसमुदाय विशाल सड़कों को संकरी किए दे रहा था…। लेकिन कैब में बैठे अविनाश के कानों … Read more

गाल फुलाना – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral Stories in Hindi

“बहू,लो अब टी वी पर दिखाने लगा, रीचार्ज करना पड़ेगा।आज रात को बंद हो  जाएगा।गज़ब है ये आजकल का डिश सिस्टम।पहले ही ठीक था,हर महीने केबल वाले आकर ले जाते थे पैसा।ये धमकी तो नहीं देते थे,बंद करने की।”शीला जी यह चेतावनी सुना रही थी। निर्मला सुन रही थी,पर रसोईघर साफ करने में व्यस्त होने … Read more

मन का रिक्त कोना – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

मेघना  बैठी सोच रही थी कि मैंने अपने  बाइस साल पूर्ण रूप से तन मन से समर्पित हो साहिल को और इस घर को सजाने संवारने  में दिये। बच्चों को पाल-पोस बडा किया। अब उम्र के इस पड़ाव पर जब बच्चों  के कैरियर का पीक समय है उन्हें सेटल करने का समय है, पति-पत्नी को … Read more

जिंदगी अजब पहेली है – डॉ  संगीता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

“अजी सुनती हो!!” सुरेश ने अपनी पत्नी दया को आवाज़ लगाई ..”हमारी पायल के लिए मुकेश बाबू ने अपने सुपुत्र दीपक का रिश्ता भेजा है।” “क्या? वो ही दीपक , जिसकी पिछले ही साल सरकारी नौकरी लगी थी,उसके लिए तो काफी अमीर घर के रिश्ते आ रहे होंगे…हमारी पायल को कैसे मांग लिया उन्होंने?” “बेटी … Read more

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