“चरित्र से पहचान होती है।” – चाँदनी झा : Moral Stories in Hindi
“आँखों पर ज्यादा चर्बी चढ़ गयी है?” जो तुम खुद को होशियार समझ रही हो? और मेरे घरवालों को बेवकूफ़? मैंने तुम्हें पहले ही कह दिया था, मेरे घर में मेरी माँ की चलती है, वो जैसा कहेंगी, तुम्हें करना है। तुमने हाँ कहा था, तभी मैंने शादी किया था, नहीं तो…….” अपनी बात कहते, … Read more