माया-मोह – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

साक्षी इंटर की परीक्षा पास करके इंजीनियरिंग में दाखिला के लिए जेईई मेंस की परीक्षा दे चुकी थी। परीक्षा परिणाम घोषित होना बाकी था।उसका इंतज़ार किया जा रहा था। इसी बीच जून के महीने में उसका परिणाम घोषित कर दिया गया। साक्षी उत्तीर्ण हो गयी। नामांकन से पहले काउंसलिंग की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। … Read more

अब क्या गहना पहनना – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“ले बहू अपने गहने, बहुत दिनों तक मैंने इसे संभाल कर रखा “सासु माँ सावित्री जी ने अपनी बहू ऊषा को देते हुये कहा। गहने के नाम पर एक सेट पकड़ा दिया।हाथ में पकडे हार को ले, ऊषा ने विरक्ति से कहा -“अब क्या करुँगी माँ इसे लेकर…। “ये लो जब मेरे पास था तब … Read more

काश समझ पाते तेरी आहट का इंतज़ार रहता है – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बहू निकुंज कब तक आएगा … कब से तुम कह रही हो वो आ रहा है वो आ रहा है… दस बजने वाले है.. अब कब आएगा?” सुनंदा जी बहू राशि से पूछे जा रही थी “ माँ आप कब तक उनका इंतज़ार करेगी…खाना खा कर सो जाइए…उनके आने का कोई वक्त तय नहीं … Read more

छुटकी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 हाँ – हाँ जज साहब …मैंने मारा है छुटकी को… दो थप्पड़ लगाए थे वो भी कसकर …..कहकर फफक फफक कर रो पड़ी थी विनीता….. थोड़ी देर रुक कर सिसकी लेती हुई फिर अपनी बात की तारतम्यता बनाते हुए बोली ….जज साहब वो थप्पड़ की चोट जितनी उसे नहीं लगी होगी , उससे कई गुना … Read more

ये जीवन का सच है – खुशी : Moral Stories in Hindi

कबीर एक छोटेसे शहर मे पला बडा था। उसके पिताजी साधारण किसान और मा ग्रृहणी थी। दो छोटे भाई बहन जो शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। एक सुखी  परिवार था। कबीर सुरू से पढाई मे बहुत अच्छा था  हमेशा अववल आता था। सभी उसे बहुत पसंद करते थे और उसकी तारीफ करते थे। अपने इनही  … Read more

गलफुल्लो – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

निम्मी बेटा आजा देख थाली लग गई है भूख लगी होगी जिद नहीं करते बेटा जल्दी आ….मां की लगातार आती आवाजों को अनसुनी करती निम्मी अपने कोपभबन से टस से मस नहीं हुई।पहले मुझे नया मोबाइल दिलाओ तभी खाना खाऊंगी गाल फुला कर चिल्ला उठी।अच्छा ठीक है मोबाइल दिला देंगे आज मेरी रानी बिटिया.. अबकी … Read more

सुख-दुख है हमारे साथी – मंजू ओमर  : Moral Stories in Hindi

रितेश जी आपकी मम्मी का ब्रेन डेड हो गया है और बस वेंटिलेटर के सहारे से चल रही है , जैसे ही वेंटिलेटर हटाएंगे सब खत्म हो जाएगा अब कुछ नहीं बचा है इनके शरीर में आप घर ले जाइए डाक्टर बोला। सुनकर रितेश और प्रीतेश दोनों भाइयों को धक्का सा लगा ।प्रितेश बोला भइया … Read more

सुख दुख का संगम – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

माँजी आज कितनी देर तक सो रही हैं आप ,टाइम देखा है ,पिंकी को स्कूल बस पर छोड़ने जाना है आपको ,भूल गई क्या आप? मालती आँखों को मलती हुए हड़बड़ातीं सी उठी,देखा चाय का कप हाथ में लिए सिप करते हुए उनकी बहू रेखा का तीखा स्वर उनके कानों में सुनाई दिया। चाय पीने … Read more

मुझे दादाजी-दादीजी चाहिए-श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“वंश बेटा, कैसी थी बर्थडे पार्टी? खूब मजे किए ना?” “हाँ, मम्मा|” “तो फिर इतने सेड क्यों लग रहे हो?” मनीषा ने अपने बेटे से पूछा| “मम्मा, मेरे दादाजी-दादीजी कहाँ हैं? मुझे भी अपने दादाजी- दादीजी के साथ रहना है| उनके साथ खेलना है| कहानियाँ सुननी है| पार्क जाना है| आज पता है, अंकुर के … Read more

जीवन प्रयाग – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

दिसंबर में रिटायरमेंट है पूनम जी के पति का। हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट हैं वो।सरकारी (कॉलरी)नौकरी में रहते हुए अपने बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ अपने परिवार को भी सहारा दिया था उन्होंने।पत्नी,पूनम ईश्वर में अगाध आस्था रखने वाली थीं।पति को शराब पीने की आदत थी।इस व्यसन की वजह से कार्य क्षेत्र और मोहल्ले में काफी … Read more

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