दावानल – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

हमारे गाँव की जिस बिजली (ट्यूबवेल) पर बाबा जी जा रहे थे उसके ऑपरेटर एक सरदार जी थे जिन्हे पूरा गाँव मिल्खा कहकर पुकारता था। मिल्खा बाबू कोई सामान्य सरकारी आदमी नहीं थे। बरसों तक इस इलाके में रहने के कारण यहाँ के इस ग्रामीण वातावरण में पूरी तरह रच बस गए थे। किसी की … Read more

समझौता – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज रात भर रेखा को नींद नही आई ये सोच सोच कर कि कल क्या होगा। अभी तक तो वो निश्चित रहती थी कि जो होगा रमेश देख लेंगे और देखते भी थे  यही हक़ीकत है घर से लेकर बाहर तक के सारे काम वो देखते थे। उसे तो सिर्फ़ रसोई और बच्चों  को  देखना … Read more

अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कितना अरमान था श्रुति को पढ़ लिख कर डॉक्टर बनेगी अपने मम्मी पापा का नाम रोशन करेंगी उनके जीवन में जो बेटे की कमी है वो पूरी करेगी। अपनी दोनों बहनों का सहारा बनेगी। कितना कुछ चाहता है इंसान पर चाहा हर बार पूरा हो ये ज़रूरी तो नहीं होता। क्योंकि जिंदगी का नाम ही … Read more

यही जीवन की सच्चाई है – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

उमा ,,उमा उठो … देखो शायद दरवाजे पर कोई खड़ा है … जी आपको तो पता है ना… मेरी तबीयत ठीक नहीं है… आप ही जाकर देख लीजिये कौन है… हो सकता है ऐसे ही बच्चे हो कोलोनी के… वह भी दरवाजा खटखटा के चले जाते हैं… उमा जी फिर करवट कर लेट गई … … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

*फर्ज और अधिकार* – पुष्पा जोशी रीमा ने कहा-‘मैंने सुना है कि पिताजी का स्वास्थ बहुत खराब है, कहीं वे अपनी जायदाद राजेश भाई के नाम न कर दे। आप भी उनके बेटे हो आपका भी सम्पति पर अधिकार है। आज आप जाकर तलाश करना।’ उमेश ने कहा है- ‘हॉं हमारा भी अधिकार होता अगर … Read more

“ मेरी बहु लाखों में एक है” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे भाभी… तबीयत कैसे खराब कर ली? लगता है शादी की भाग दौड़ में ज्यादा थकान हो गई है पर अब तो शादी हुए भी एक महीना हो गया लगता है बैठे-बैठे खाने की आदत हजम नहीं हो रही, भई तुम ठहरी इतनी कामकाजी अब बहू के हाथों की गरमा गरम रोटियां और आराम सेवा … Read more

ससुराल वाले अपनी बेटी की चिंता करेंगे या बहू की-बहू तो दूसरे की बेटी है – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“इना!करवा नहीं भेजा तुम्हारी माँ ने?”करवा चौथ के दिन इना की सास सुनीता जी इना के मायके से आए बायने का समान फैलाकर बैठी थीं! इना-“मम्मी जी!माँ ने चेक भेजा है कि अपनी पसंद का चाँदी का करवा मंगा लें, कोरियर में खोने का डर था”, “हाँ पर चेक में पानी भर कर अर्ग देगी … Read more

आहत ना करें – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

हमारी कॉलोनी में बरसों से एक धोबिन आती है। सभी पुराने लोग यानि जो स्थायी निवासी हैं वो उसी धोबिन से कपड़े प्रेस करवाते हैं। हमारे घर में भी बचपन से उन्हें ही आते देख रही हूँ। शुरू से ही मौसी कहती आई हूँ। मौसी दिन भर प्रेस करती हैं। इसके लिए सुबह घर घर … Read more

उसका फैसला – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

उसूल था उसके जीवन का …”जब तक असमर्थ न हो किसी को तकलीफ न दो । पर नियति भी सबके हिसाब से कहाँ चलती है ।  हाथों में मेहंदी , भर हाथ चूड़ियाँ, सुंदर गुलाबी सिल्क साड़ी, पावँ में महावर, पायल और बिछुए ..उम्र के जिस मोड़ पर थी वो स्वाभाविक चमक आ जाती है … Read more

मेहमान – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

वो कड़कड़ाती सर्दियों की एक आलसभरी सुबह थी,आलस इस सेंस में कि रजाई से हाथ बाहर निकले तो बर्फ की तरह जमने लगे और वापस रजाई के अंदर ही घुसने का मन करे,और मजबूरी ये कि पतिदेव के आफिस जाने का समय तो नियत ही होता है ना!माघ मास की ठंड में सूरज भगवान निकलना … Read more

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