एक फैसला आत्म सम्मान के लिए….. – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

सुरभि बारहवीं पास करने के बाद अपनी मांँ से बोली…. मांँ मुझे अब आगे नहीं पढ़ना, मुझे नौकरी करनी है। घर वालों ने बहुत समझाया कि वह अभी पढ़ाई कर ले नौकरी करने के लिए सारे जीवन पड़ा हुआ है।  सुरभि के दिमाग में नौकरी ही नौकरी चल रही थी। घर वालों के समझाने का … Read more

आत्मसम्मान – निभा राजीव”निर्वी” : Moral Stories in Hindi

ऋषि दवाइयों की दुकान पर सिरदर्द की दवा लेने पहुंचा। वहां पहले से ही एक छरहरी सी सुंदर युवती खड़ी थी। ऋषि ने जब दवा का नाम कहा तो केमिस्ट ने कहा,-” सॉरी सर, उस दवा की तो हमारे पास एक ही पत्ती थी जो मैंने इन मैडम को दे दी है।”  ऋषि ने थोड़ा … Read more

तुम्हारा पिता हुं , कोई कबाड़ का सामान नहीं !! – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

पापा , हम घर पहुंच चुके हैं ,चलिए आईए कहते हुए छोटे बेटे रोहन ने कार का दरवाजा खोला !! कांतिलाल जी बेटे के साथ घर के अंदर पहुंचे तो घर को टकटकी लगाए देखते रह गए !! बीच में बड़ा सा झूमर , महंगा फर्नीचर , मखमली सोफा , डायनिंग टेबल , एयर कंडीशनर … Read more

एक फैसला आत्मसम्मान के लिए – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

आज मै जो हूँ अपनी माँ की बदौलत हूँ..मेरी माँ ने मेरी खातिर किया.. “एक फैसला आत्मसम्मान के लिए”….मेरे लिए किया था उसने फैसला वो मुझे फर्श से अर्श तक पहुँचा कर रहेगी । आज भले ही वो इस दुनिया में नहीं है….. ये दुनिया उन लोगों को सलाम करती है जो अपने बल पर … Read more

दिखावा – खुशी : Moral Stories in Hindi

रीता और गौरव दोनों बैंक में काम करते थे। बार बार ट्रांसफर होने के कारण रीता को कभी ससुराल में रहने का मौका नहीं मिला।उसे बड़ा लगता मै भी अपनी देवरानी, जेठानी और सास के साथ रहती।नौकरी के कारण वो कभी त्यौहार वार पर ही ससुराल जा पाते। फिर उसे लगता उसके साथ मेहमानों वाला … Read more

एक फैसला आत्मसम्मान के लिए – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

सम्मान समारोह में जब महिमा ने अपनी सफलता का श्रेय रोशनी को दिया, तबसे रोशनी के आंसू ही नहीं रुक रहे थे।जब सब काम निपटाकर कमरे में आई तो नींद उसकी आंखों से दूर भागकर उसे यादों के झरोखे में ले गई। रोशनी, कहने को दो बच्चों की मां, कमानेवाला पति, सास ससुर,ठीक ठाक सी … Read more

एक फैसला आत्म सम्मान के लिए – विनीता महक गोण्डवी : Moral Stories in Hindi

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस  के सम्मान समारोह में वीमेन अचीवमेंट अवार्ड के लिए अर्पिता के नाम की घोषणा हो रही थी और अर्पिता अपने अतीत में खोई हुई थी मानो पूरा अतीत एक फिल्म की तरह से उसकी आंखों से गुजर रहा था।    अर्पिता के पिता पुलिस विभाग में एक आरक्षी के पद पर तैनात थे। … Read more

औरत के मन की व्यथा – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

शोभना आज फिर जल्दी, जल्दी घर के कामों को निपटाने में लगी हुईं थीं। उसके पति विकास ने हंसते हुए कहा क्या बात है आजकल तो आप अनुशासित जीवन जीने लगीं है मैडम??आज कल तुम मेरे आफिस जाने से पहले ही अपना सारा काम समाप्त कर लेती हो फिर पूरे दिन क्या करतीं हो?दिन में … Read more

नई कार – चांदनी : Moral Stories in Hindi

**** क्या बात है आदि.. पिछले कई दिनों से मानवी नहीं आई अपने घर! मुझे क्या पता.. कहीं बाहर वाहर गई होगी.. अच्छा! पर तुम्हें बिना बताए.. मैंने तुरंत दूसरा सवाल दागा! अब थोड़ा वह झल्ला गया.. मैं क्या उसका सेक्रेटरी हूं.. जो उसके एक एक दिन का हिसाब किताब रखता फिरुं! यह कैसी बेवकूफी … Read more

आत्मसम्मान – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

आज पति को गुजरे लगभग बीस दिन बीत चुके थे। नमिता दीवार पर लगे पति के तस्वीर को सुनी निगाहों से निहार रही थी। उसके दिल दिमाग में झंझावात  सी चल रही थी। उसने उन्हें बचाने के लिए किस- किस को फोन लगाया था नमिता को याद नहीं!!   कुछ बहुत करीबी लोगों ने जिनके वक्त … Read more

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