अम्मा का आशीर्वाद – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

36″भाभी ओ भाभी,कल घाट पर चलना होगा आपको।हमारे सोनू ने निमंत्रण भेजा है आपको बिनती के साथ।” पिंकी बड़े उत्साह से चहकती हुई बोली।पिछले बीस सालों से उसे काम करते हुए देख रही थी मृदुला।सोनू (उसका बेटा)तब आठ साल का रहा होगा,जब पिंकी ने आकर मृदुला से कहा था”भाभी,अम्मा कह रही थी कि आपको अपने … Read more

छोटी छोटी बातें ही बड़ा रूप ले लेती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या भाभी आप तो बिल्कुल बहू से दबकर रह गई हो , इतना भी क्या डरना बहू से कौन वो आपका कुछ करती है इस बुढ़ापे में बहू को आपकी मदद करनी चाहिए तो वो तो नहीं उल्टा आप और भाईसाहब ही उसकी मदद करती रहती है । क्या करूं मधु मैं नहीं चाहती एक … Read more

सर्वगुण संपन्न – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“बहू!..कितनी बार कहा है सर पर पल्लू रखा करो।” रसोई में प्रवेश करते ही जगदंबा जी ने अपनी नई नवेली बहू रूपम को टोका। जगदंबा जी के टोकते ही रूपम ने झट से पल्लू अपने सर पर खींच लिया लेकिन फिर भी जगदंबा जी भुनभुनाई.. “अच्छे घर की बहू का पल्लू हमेशा उसके सर पर … Read more

सबक – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

एक सुनसान सवेरे, वृद्धाश्रम के बाहर, एक बुजुर्ग व्यक्ति बेहोशी की हालत में पाया गया। वहाँ से गुजरते लोगों की निगाह पड़ते ही तुरंत आश्रम के कर्मचारियों को सूचना दी गई। यह घटना इतनी अचानक हुई कि प्रत्येक व्यक्ति स्तब्ध रह गया। वे बुजुर्ग जिस तरह से वहाँ पड़े थे, उससे यही प्रतीत होता था … Read more

“समय रहते रिश्तों की कदर करनी चाहिए,सबको प्रायश्चित का मौका नहीं मिलता” – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मीनाक्षी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। मीनाक्षी देखने में आकर्षक, गोरा रंग,घुंगराले बाल और सुडौल काया की स्वामिनी थी। पर इसके विपरीत स्वभाव से बेहद तेज़ तर्रार थी। अगर कोई बात उसके मन की होती तो ठीक वरना समझो आसमान सर पे उठा लेती थी। फिर उसको बड़े छोटे का फर्क नही समझ … Read more

नई माँ – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” माँ.. माँ…. बाबा, मां को क्या हुआ?? मां बोलती नहीं ?? ,, अपनी अचेत पड़ी मां दमयंती को हिलाते हुए नन्हा सा तीन साल का वासु पूछे जा रहा था। रघु ने उसे खींचकर अपने कलेजे से लगा लिया , ” बेटा, अब तेरी मां नहीं बोलेगी । वो भगवान के पास चली गई … Read more

पश्चताप – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

जब अपने बेटों ने माँ को अपने साथ रखने से मना कर दिया तब यशोधरा जी के पास वृद्धाश्रम जाने के अलावे कोई रास्ता नहीं बचा था। हर सप्ताह रविवार को सुबोध यानि यशोधरा जी के जेठ जेठानी का बेटा वृद्धाश्रम मे दान करने के लिए आता था जब अपनी काकी  को वहाँ देखा तो … Read more

विश्वासघात – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

रवि और ज्योति की शादी लव मैरिज थी। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते थे और जीवन में साथ आगे बढ़ने के कई सपने देखे थे। लेकिन, रवि के परिवार, खासकर उसकी मां और बहन को यह शादी मंजूर नहीं थी। माँ ने बेटे की खुशी के लिए शादी की इजाजत दे दी, लेकिन उन्होंने … Read more

सामने वाला पार्क – नेकराम : Moral Stories in Hindi

मैं घर के नजदीक ही एक मेडिकल शॉप में काम करता था रात को जब भी घर लौटता पत्नी का चेहरा फूला हुआ देखता न जाने वह किस बात को लेकर गहरी चिंता में डूबी रहती थी शादी को 7 साल बीत चुके थे शादी के शुरूआती दिनों में तो मैंने पत्नी की इस बात … Read more

अपनी पगड़ी अपने हाथ – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

रमाकांत और उमाकांत दो भाई  थे।दोनों भाईयों में आपस में बहुत प्रेम था।बड़े भाई रमाकांत पढ़-लिखकर असाम में शिक्षक की नौकरी करने चले गए। उनका परिवार भी साथ रहता था।उनके माता-पिता छोटे बेटे के साथ गाँव में रहते। थे।छोटा उमाकांत गाँव में खेती-बाड़ी सँभालता था।छोटे भाई की पत्नी  कविता जबान की बहुत तेज थी।जब तब … Read more

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