हर बेटी यही तो चाहती है – संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

” भाभी मैं बुआ बनने वाली हूँ बढ़िया सा नेग लूंगी आपसे !” नीलू अपने मायके आने पर अपनी गर्भवती भाभी आस्था से बोली। ” हां हां क्यो नही नेग तो बनता है तेरा !” आस्था की जगह उसकी सास रेखा बोली । आस्था तो मानो नीलू की बात सुनकर कहीं खो सी गई थी।  … Read more

माँ भाग्यशाली हैं, जो आप-सी बहू मिली – सुनीता परसाई ‘चारु’ : Moral Stories in Hindi

माँ रूपा को देख खुश हो गई। कुल्हे के आपरेशन के बाद वे कल ही घर आयी थीं।      रूपा चालीस किलोमीटर से रोज माँ से मिलने अस्पताल आती थी। वह उनकी जितनी  कर सकती थी सेवा करती। कभी आटो से तो कभी बस से। उसके दो बच्चे थे। बड़ा बेटा पाँचवी में व छोटा बेटा … Read more

प्रेम पुष्प – रश्मि वैभव गर्ग  : Moral Stories in Hindi

आलीशान कोठी, नौकर चाकर, अपार संपत्ति.. बड़ी कंपनी की मालकिन.. सबकुछ तो था सोना के पास। यथा नाम तथा काम..। मिट्टी को हाथ लगाती सोना बन जाता। बस कमी थी तो.. साथी की। एकाकी पन उसे कसक देने लग गया था। अपने माँ बाप की इकलौती संतान होने के बावजूद सोना को विरासत में तो … Read more

नज़ाकत रिश्तों की – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

सुधा की ननद रीना और ननदोई सुरेश अपने छः साल के दो जुड़वा बेटों के साथ राखी के लिए उसके घर आने वाले थे| सुधा और विकास की शादी को छः महीने ही हुए थे, दोनों ने मिलकर अपना छोटा सा फ्लैट बड़े मन से सजाया था| नया फर्नीचर, नये पर्दे, नया कालीन, नई क्राक्ररी, … Read more

तोहफ़े वर्सेस प्यार – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

        राधेश्याम जी के छोटे बेटे की शादी को हुए अभी कुल तीन महीने ही हुए थे कि घर का वातावरण कुछ बोझिल सा रहने लगा। हँसती,खिलखिलाती छोटी बहू दीप्ति के चेहरे पर उदासी साफ दिखाई देती थी।           “क्या बात है मीना? दीप्ति बहू कुछ उदास सी दिखाई देती है। जब शादी होकर आई थी, तब … Read more

ननद की समझदारी – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

जब ऋषि ने प्रिया से पूछा ” मम्मा वो बुआ वाला महीना कब आएगा ?” तो प्रिया हंसते हुए बोली बस अगले हफ्ते आने वाला है तो वह बहुत खुश हुआ और खेलने चला गया। ऋषि बुआ वाला महीना जून के महीने को बोलता था जब उसकी बुआ छुट्टियों में 10 दिनों के लिए उसके … Read more

नंनद – राजेश इसरानी : Moral Stories in Hindi

मै ससुराल में अभी अभी आई थी कुल मिला कर एक सप्ताह हुआ था। ससुराल में मेरे पति के अलावा मेरी सास ससुर और एक देवर एक नंनद थी। मुझे मिला के कुल 6 सदस्य थे परिवार में। अभी शादी को 7 दिन ही बीते थे  तो कुछ मेहमान अभी भी घर पर ही थे … Read more

मान का तो पान ही बहुत होता है – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

होली का दिन एक-एक कर नजदीक आता जा रहा था। उसी के साथ पूनम की परेशानी बढ़ती जा रही थी कि भैया-भाभी अभी तक उसकी होली की कोथली लेकर क्यों नहीं आए? जबकि उसकी अन्य तीनों बहनों की कोथली समय पर दे आए थे। पूछूँ या नहीं। पूनम की समझ में नहीं आ रहा था … Read more

नेग – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“भाभी देखना मेरे कान में यह कुंडल कैसे लग रहे हैं? सोनाली ने अपनी भाभी मधु से कहा तो सोनाली को देखकर मधु के चेहरे पर मुस्कान  आ गई थी सोनाली मधु की इकलौती ननद थी जिसकी शादी कुछ साल पहले ही उन्होंने बड़ी धूमधाम से की थी नंनद की शादी के कुछ समय बाद … Read more

यह रिश्ता मुझे मंजूर है। – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

उफ्फ!! दिनभर घर-घर काम करने के बाद गीतांजलि बहुत थक गई थी। घर आते ही उसका छोटा भाई दीपक दीदी! दीदी! करके लिपट गया। दीदी आज क्या लायी हो..??  गीतांजलि ने थैला से कुछ सामान निकाला और भाई को दे दिया। भाई बहुत चाव से खाने लगा। गीतांजलि जहां काम करती थी वहां की महिलाएं … Read more

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