अहो भाग्य – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

दूसरी बार सुलेखा ने आज बेटी को जन्म दिया । शायद विधाता की यही मर्जी थी । ये आखिरी मौका था और कहीं एक उम्मीद भी थी कि शायद अब बेटी के बाद बेटा ही होगा । पर डॉक्टर ने जुड़वा बिटिया को  दिखाकर भरम तोड़ दिया । सुलेखा के पति माधव तो दुःखी हो … Read more

किस्मतवाली – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

जब अस्पताल में बेटी होने की खबर राघव के कानों में पड़ी, वह पसीने से नहा गया। एक रूढ़िवादी परिवार का इकलौता चिराग राघव अब एक बेटी का पिता बन चुका था उसने कनखियों से अपनी मां की तरफ देखा। उसकी मां का चेहरा बुझ गया था। राघव यह सब देखकर बहुत  तनाव में आ … Read more

माई लकी-चार्म – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” आ रहा हूँ…।” लगातार काॅलबेल बजते देख  आकाश दरवाज़े की ओर जाते हुए ज़ोर-से बोला।उसने लैपटाॅप का बैग अपने कंधे पर डाला और दरवाज़ा खोला तो सामने मनोहर काका के साथ लाल साड़ी पहने, माँग में सिंदूर- माथे पर बड़ी बिंदी लगाये बाईस वर्षीय युवती को देखकर वो चकित रह गया।    ” तुम…काका, आप … Read more

*प्रायश्चित* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       देखो,अजीत मुझे अब अपने बेटे की पढ़ाई के लिये अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचना पड़ेगा,सो अब मेरी जमीन को बैंक से मुक्त करा दो।        वो तो ठीक है,पर सुशील मेरे पास अभी रुपयों की व्यवस्था नही है, इसलिये बैंक से अभी जमीन मुक्त नही हो पायेगी।        पर अब तो तुम्हारा काम काज बढ़िया चल … Read more

मिठास – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

जैसे ही नीति छत से कपड़े सुखाकर आई उसने देखा कि डाइनिंग टेबल पर रसमलाई का एक बड़ा सा डिब्बा रखा है।रसमलाई के डिब्बे को देखते ही उसकी आंखें चमक उठी।रसमलाई उसकी कमजोरी थी। उसका बस चलता तो अभी डब्बे को खोल रसमलाई पर टूट पड़ती लेकिन नई-नई शादी के संकोच ने उसके हाथ रोक … Read more

मेरी बड़ी बहन का दरिया दिल – नेकराम : Moral Stories in Hindi

पत्नी ने रसोई में पराठे बनाते हुए कहा , ,,,  सुनो जी अपनी शादी को एक साल पूरा हो चुका हैं आखिर हम बाबूजी पर निर्भर कब तक रहेंगे अब तुम्हें भी नौकरी करनी चाहिए दो पैसे कमाकर लाओगे तो बाबूजी को भी सहारा हो जाएगा पत्नी की बात सुनकर पहले तो मैं निराश हो … Read more

अचूक फार्मूला – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

शिनी , मोनू सब आ जाओ डाइनिंग टेबल पर खाना लग गया है शिनी जरा अपने पापा को भी आवाज दे दो लैपटॉप में व्यस्त होंगे प्रीति ने जोर से आवाज लगा सबको बुलाया लेकिन कोई टस से मस ही नहीं हुआ। छुट्टी का दिन तो जैसे और भी लंबा हो जाता है प्रीति के … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

*हिचक* – बालेश्वर गुप्ता           देखो लोकेश मुझे बिल्कुल पसंद नही कि तुम इस प्रकार आवारा गर्दी करते फिरो।अच्छा बड़ा कारोबार है हमारा,उसका अनुभव लो।और हाँ अपने स्तर के लोगो मे बैठा करो।        पर पापा मैंने किया क्या है?राजू मेरा मित्र है,गरीब जरूर है,पर बहुत ही इंटेलिजेंट है।वह अपनी बस्ती में गरीब बच्चों को पढ़ाता … Read more

किस्मत वाली बहू – रोनिता कुंडू : Moral Stories in Hindi

क्या बात है मां? कुछ कहना था? राज ने खाना खाते हुए अपनी मां प्रभा जी से कहा।  प्रभा जी:   हां वह पूछना था कि आज भिंडी कैसी बनी है?  राज:  हां अच्छी बनी है।  प्रभा जी: वह तो बननी ही थी, भिंडी के काटने के तरीके पर ही उसका स्वाद निर्भर करता है, … Read more

कभी- कभी सेवा करवाने के लिए बीमार होने का दिखावा भी करना पड़ता है – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

विमला जी (६० बर्ष) अपने बेटी को बहुत बहुत ज्यादा मानती थी | हर बात पे मेरी बेटी ,मेरी बेटी करती रहती थी | विमला जी के पति राजेश जी, बहुत  समझदार और सुलझे हुए बुद्धि विचार वाले व्यक्ति थे | उन्ही के कारण उनके परिवार में  सब  हसी खुशी चल रहा था | उनका … Read more

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