लता दीदी को सलूट है – नेकराम : Moral Stories in Hindi

रोज की तरह मैं नाइट शिफ्ट वाली ड्यूटी पर आकर खाली पड़ी चेयर पर बैठ गया रात होते होते मोहल्ले की सभी दुकानों के शटर धीरे-धीरे बंद होने शुरू हो चुके थे मौसम भी सर्द था इसलिए लोगों का आना-जाना भी बहुत कम था सामने ही मेंन रोड है जिस पर वाहनों का आना-जाना लगा … Read more

*भाग्य रेखा * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

           ‌  ‘माँ !क्या मैं सचमुच भाग्यहीन हूँ? दादाजी, ताऊजी कोई भी मुझसे प्यार से बात नहीं करते। दादीजी, बुआ, ताई जी सब मुझे भाग्यहीन कहकर ही बुलाती है, जैसे यही मेरा नाम हो आपने कितना प्यारा नाम रखा है मेरा। मेरी भी इच्छा होती है ,कि सब मुझे मेरे नाम से बुलाए। मेरे पापा नहीं … Read more

*मोह- दुआ-तप* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      कुछ भी करने में असमर्थ,अपने सामने होने वाली संभावित अनहोनी के असहनीय दुःख के अहसास करने को विवश,धर्मेंद्र जी-बस आंखों में पानी लिये घर मे ही निर्मित मंदिर में आंखे बंद किये बैठे रहते।उनकी पत्नी सुधा उन्हें ढाढस बधाने आती और खुद भी वही मंदिर में बैठ सिसकी भरने लगती।     अधिक समय थोड़े ही बीता … Read more

भाग्यहीन – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

चारों तरफ हाहाकार…रोने पीटने की आवाज़ें…हर कोई ग़म से सरोबार। विनय के मम्मी, पापा, भाई, बहन और रिश्तेदार सबका रो रोकर बुरा हाल था। लेकिन निधि, निधि तो जैसे पत्थर सी हो गई थी। विनय के शहीद होने की खबर सुनकर वो तो बस शून्य में ताक रही थी और कभी-कभी अपने मेंहदी लगे हाथों … Read more

किस्मत से लड़ाई – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“राजस्थान “के ‘जयपुर’ में “रामगढ़” नाम का एक छोटा सा’गांव’ था—। उसी गांव में मदनेश्वर नाम का लड़का अपनी बुढ़ी मां “सरला” और पत्नी “दिव्यांगना” के साथ हंसी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहा था— । पुरखों की थोड़ी बहुत जमीन थी जिससे उनका गुजारा ठीक-ठाक से हो जाता–।  अम्मा जी खाना लगाती हूं— रात काफी हो … Read more

तिरस्कार – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

      अरे ओ सुदर्शन……मेरी गाड़ी तो जरा धो धा के एकदम से चमक दो…. क्या महाराज ….कहां जाना है…? समधी के समधी के घर …..! मतलब मुस्कान बिटिया के ससुर के साथ उनकी बहू के मायके जाना है….।      अरे तू तो बहुत समझदार हो गया है सुदर्शन…..खुश होते हुए देवदत्त जी ने कहा…!    रिटायर्ड देवदत्त जी … Read more

दिखावा जरूरी है… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”देखो रवि सारी हमारी पसंद की चीजें हैं… मां हमसे कितना प्यार करती है…  मैंने उससे तुम्हारी पसंद के बारे में… एक बार जिक्र भर किया था.… उसने तो लगता है सबका सब रट डाला…!”  रवि ने पैकेट में से एक सोंठ का लड्डू उठाकर… अपने मुंह में रखा और अनमने ढंग से चलते हुए … Read more

आशा मैडम – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

हमारे पड़ोस में रहने वाली एक तलाक शुदा टीचर आशा मेडम का देहांत हो गया। 35 साल नोकरी करके के बाद सरकारी स्कूल से सीनियर टीचर के पद से सेवा निवृत्त होकर अकेली जीवन बिता रही थीं। उसके निधन के वक्त ओर बाद मे कोई भी रिस्तेदार नही पहुंचा। अंतेष्टि /किर्या करम के सारे कार्य … Read more

कर्मयोगी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      विजय देखो अब ये अपने गंगू का बेटा मुन्ना यही हमारे पास रहा करेगा।      पर क्यों पापा? इसका अब कोई नही रहा है।गंगू अपनी पत्नी को सरकारी हॉस्पिटल ले जा रहा था,एक ट्रक की टक्कर से दोनो की मौके पर ही मौत हो गयी, मुन्ना स्कूल गया हुआ था,अब यह तो अनाथ हो गया ना।अब … Read more

निकम्मी औलाद – नेकराम : Moral Stories in Hindi

अम्मा रात के 11:00 बज गए बाबूजी अभी तक काम से नहीं लौटे तब अम्मा बताने लगी कारखाने में फोन कर के पूछ लिया तुम्हारे बाबूजी सुबह कारखाने पहुंचे ही नहीं तुम लोग घर पर ही रहो मैं थाने जाकर रिपोर्ट लिखवा कर आती हूं इतना कहकर अम्मा घर से बाहर निकल गई बड़ा भाई … Read more

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