उपहार ना बने उपहास – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“रमा बहू बिटिया की शादी का न्योता सबको दे दिया हो तो जरा मुझे भी वो लिस्ट दिखा देना… एक बार देख लूँ  कोई रह तो नहीं गया है?” सुलोचना जी बहू से बोली रमा जो बेटी की ब्याह की तैयारियों में व्यस्त थी पास रखी एक डायरी उठा कर सास को पकड़ा दी। सुलोचना … Read more

पर उपदेश कुशल बहु तेरे – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

कल फिर रात में बहू-बेटे के कमरे से आती झगड़ने की ऊंची आवाजों से वृद्ध सास-ससुर बुरी तरह से आहत थे। बार-बार समझाने के बावजूद बेटा कल देर रात फिर शराब पीकर घर आया था और ऊंची आवाज में अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज कर रहा था।  ऐसी स्थिति में हमेशा ही नशे में धुत्त … Read more

ये बंधन है नेह का – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शर्माती,लजाती लाल जोड़े में लिपटी पीहू ने जैसे ही चावल भरे कलश को गिराकर गृह-प्रवेश किया,वैसे ही उसकी जेठानी मुग्धा ने उसे गले से लगा लिया और धीरे से उसके कान में प्यार से बोली “टेंशन मत लो, मैं हूँ ना।” इतना वात्सलय और अपनापन था उन शब्दों में कि पलभर में ही पीहू का … Read more

नाम – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     दादी ने नितिन को बताया कि तेरे से खेलने के लिये घर में एक छोटी बहन आ गई है, सुनकर वो खुशी-से नाचने लगा।वो दादी से पूछा,” उसका क्या नाम रखेंगे दादी..।” नितिन की जिज्ञासा देखकर दादी मुस्कुरा दी।      छठी के बाद घर के सभी लोग बड़े हाॅल में जमा हुए।बड़े दिनों बाद घर में … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

    “क्या मम्मी! भाभी की दो साड़ियाँ ही तो ली हैं मैंने। भाभी को तो शादी में ससुराल और मायके दोनों ही तरफ़ से इतनी साड़ियाँ मिली है। अगर मैं दो-तीन साड़ियाँ ले भी लूँगी तो क्या ही फ़र्क पड़ जाएगा। आखिर यह मेरा मायका है, मेरा हक़ है।” तृषा ने तुनक कर कहा जो कि … Read more

*हरि* – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

   सन्नाटे ने लीला के बढ़ते कदम को रुकने के लिए विवश कर दिया। ज्योंही वह अपनी कोठरी से बाहर निकली सुबह पौ फटते ही वह  कुम्हला उठी । उसने अपनी पैनी दृष्टि इधर-उधर दौड़ाई।अचानक उसकी नजर टकरा गई  छप्पर से लटकते पिंजड़े से उसका दिल धक् से रह गया।पिंजड़ा खाली पड़ा था फांसी पर लटकते … Read more

झिझक – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

ऋतु की पक्की सहेली वर्षा का जन्मदिन आनेवाला था,बड़े स्तर पर मनाने वाली थी वो अपना बर्थडे,कार्ड छप चुके थे,निमंत्रण जा चुके थे,वर्षा ने विशेष अनुरोध किया था ऋतु से कि वो एक दिन पहले ही उसके घर आ जाए,उसके साथ तैयारी करने में उसे बहुत मजा आएगा। ऋतु खुशी खुशी सब तैयारी कर रही … Read more

वो रातें – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

बात उन दिनों की है जब मुझे जंगलात विभाग में फारेस्ट गार्ड की नौकरी मिली। मेरी पोस्टिंग दूसरे जिले में हुई मैं अपनी माँ और बीबी को लेकर बहां शिफ्ट हो गया। कुछ ही दिन हुए थे कि जंगल से खैर के पेड़ काटने की शिकायतें आने लगी काफी कोशिश करने के बाबजूद चोर पकड़ा … Read more

सरप्राइज़ – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

मुझे अचानक से घर पर देखकर भैया और मां कितने खुश होंगे, मां का हंसता चेहरा, उनकी आंखों की चमक, सोच- सोचकर मीता मन ही मन उत्साहित हो रही थी। जैसे बचपन में चोर पुलिस का खेल खेलते हुए पीछे से धप्पा मारते थे, मैं भी भैया के साथ इस बार ऐसा ही करूंगी। बचपन … Read more

दिल में प्यार हो तो पराए भी अपने बन जाते हैं – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

हमेशा की तरह सरोज के भाई का इस बार भी राखी का पांच सौ रुपए का मनीऑडर आ गया।ना ही उसने कोई फोन किया,कि दीदी तुम्हारी राखी मिल गई थी ना ही उसकी कोई चिट्ठी आई।सरोज की आँखें फिर से नम हो गईं।माता पिता के जाने के बाद सरोज के छोटे भाई साहिल ने तो … Read more

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