घर की इज्जत… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

तिवारी जी के बेटे कौस्तुभ ने… इंजीनियरिंग फिर एमबीए करने के बाद… बढ़िया कंपनी में… लाखों के मासिक पैकेज पर नौकरी ज्वाइन की…  विवाह के लिए रिश्तों की लाइन लग गई… तिवारी जी फूले नहीं समा रहे थे…  रिश्तेदारों से लेकर पड़ोसी… बिरादरी के लोग.… एक से एक मुंह मांगी दहेज के साथ… लड़कियों की … Read more

मेरी बहु मेरे घर का हिस्सा है – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

तनु… कहां है ओहो, वहां किचन में क्या कर रही है? दो दिनों के लिए मायके आई है, चैन से बैठ ले। आ, मेरे पास बैठ। तब तक बहू गाजर हलवा बना कर यहीं ले आएगी। रागिनी जी ने जोर से आवाज लगाई, अपनी बेटी को ढूंढते हुए। रागिनी जी की आवाज में एक गहरी … Read more

माँ की कमी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

घर के आंगन में हलचल थी। जैसे ही कांता रसोई में घुसने के लिए कदम बढ़ाती है, एक अजीब सी खुशबू उसकी नाक में समाती है। वह यह खुशबू पहचान जाती है—यह सुलोचना जी के हाथों की बनी पकवानों की महक थी। कांता चहकते हुए रसोई में घुसी और उत्सुकता से पूछा, “माला दीदी आ … Read more

माँ की सलाह – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“अरी सुमन की माँ, जितने लाड़ लड़ाने अपनी बेटी को लगा लो, फिर कल को ये चली जाएगी, तो कोई लाड़ लड़ाने वाला नहीं होगा!” यह शब्द सुमन की माँ के कानों में गूंज रहे थे। वे अपनी बेटी सुमन को निहारते हुए यह सोच रही थीं कि उनकी बिटिया का क्या होगा, जब वह … Read more

मां का मान पत्नी का अपमान – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

शुभा अभी घर के सुबह के कार्यों को निबटा  ही रही थी कि फोन की घंटी बजी। फोन उठाते ही अंश के स्कूल से फोन था आप जल्दी विद्यालय पहुंचे अंश खेलते खेलते गिर गया है उसे चोट आई है अस्पताल ले जाना पड़ेगा देरी न करें। फोन रख उसने अपनी सास से कहा मम्मी … Read more

सोच- समझ कर बोलना चाहिए – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 कामिनी के घर में किटी पार्टी चल रही थी।सभी महिलाएँ आपस में घर-बाहर की बातें कर रहीं थीं कि तभी मिसेज़ चंद्रा ने अरुणा से पूछ लिया,” अरुणा जी..सुना है कि स्कूल के प्रिसिंपल ने आपको बुलाया था..क्या हुआ…आपके मनु को कोई प्राइज़ मिला है क्या..।” उनके व्यंग्य से अरुणा बहुत आहत हुई और उसे … Read more

अपमान – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

शहर से थोड़ी दूर पर एक अपार्टमेंट है बहुत ही छोटे से छह सौ गज के घर हैं उसमें ही दो कमरे हॉल रसोई छोटी सी बालकनी जिसमें ही बर्तन कपड़े धोना और सुखाना भी पड़ता है । तीन मंजिला है लिफ्ट नहीं है । वहीं के तीसरे मंजिल के एक घर का माहौल कुछ … Read more

वरदान – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” ए अनंत के बच्चे…तुझे कितनी बार कहा है कि मेरी टेबल को हाथ न लगाना..चोर कहीं का..चल भाग यहाँ से…।” लगभग चीखते हुए नितिन ने अपने फुफुरे भाई को धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया।अनंत रोता हुआ अपनी माँ रेवती के पास गया,” माँ..मैंने तो कोई चोरी नहीं की…फिर भईया ने मुझे चोर … Read more

नाम – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” सुनिये जी..हम कैसे लग रहें हैं…हमारी वजह से शैलेश का मज़ाक तो नहीं होगा ना….।” शीशे में खुद को निहारकर अपनी साड़ी का पल्ला ठीक करती हुई सुनंदा जी अपने पति श्रीकांत बाबू से पूछी तो वो हा-हा करके हँसने लगे…फिर उनके कंधे पर अपने दोनों हाथ रखते हुए बोले,” अब इस उम्र में … Read more

“सासूमां मैंने मान लिया बहू कभी बेटी नहीं बन सकती…..”। – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मुस्कान अपने माता पिता की सबसे छोटी बेटी थी।देखने मे सुंदर,गोरा रंग,शर्मीला स्वभाव,संस्कारी आचरण-उसके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाते थे। मुसकान का संयुक्त परिवार था।उसके पिता का बड़ा व्यवसाय था तो उसके लालन पालन में कोई कमी नही रखी गयी थी। घर में सबकी लाडली थी वो। अपने दादी बाबा की चहेती,माँ की जान,चाचा चाची की … Read more

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