फर्ज – मंजू सक्सेना : Moral Stories in Hindi

सुनीता गेट पर खड़ी थीं और उनकी नजरें एयरपोर्ट की तरफ जा रही गाड़ी पर टिकी थीं। अमित और उसकी पत्नी सुलक्षणा को छोड़कर अभी-अभी वह वापस लौटी थीं। मन में अजीब सी कशमकश चल रही थी। पड़ोसन मालती ने जब पूछा, “क्या हुआ, भाभीजी?” तो सुनीता का गुस्सा फूट पड़ा। “अरे… जाते वक्त एक … Read more

सांप भी मर गया लाठी भी नही टूटी – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” मम्मी जी कल मेरे पापा आ रहे हैं !” नई बहु शिवानी चहकती हुई अपनी सास आशा जी से बोली। ” अरे तो इसमें इतना खुश होने वाली बात क्या चौबीस साल बिताए हैं तुमने अपने पापा के साथ यहां तो तुम्हे आए चौबीस दिन ही हुए हैं । वैसे भी बहु हो तुम … Read more

नाटक – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

****** नई नवेली मण्डिता ने दुल्हन के रूप में जब ससुराल में कदम रखा तो सहेली और बड़ी बहन जैसी जेठानी स्वाति को पाकर बहुत खुश थी। पढाई और नौकरी के कारण उसे तो घरेलू काम बिल्कुल नहीं आते थे लेकिन स्वाति के कारण उसे नये घर में बिल्कुल परेशानी नहीं हुई। मण्डिता ऑफिस जाने … Read more

भाभी कैसे बर्दाश्त करती हो ये सब – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मुफ्त की रोटियां खाने सब आ जाते हैं तेरे मायके से क्या धर्मशाला खुला है क्या यहां ‌।जब देखो तब कोई न कोई आया ही रहता है तेरे घर से शकुन्तला देवी अपनी बहू साधना पर चिल्ला रही थी।घर के ऊपर के हिस्से में शकुन्तला जी की देवरानी रहती है उनकी बेटी नयना सब सुन … Read more

अपमान – खुशी : Moral Stories in Hindi

राखी एक भले घर की लड़की थी मेहनत करती अपना घर संभालती। पिताजी एक मामूली क्लर्क थे।मां अक्सर बीमार रहती तो घर की भाई बहन की जिम्मेदारी उस पर  ही थी।बिचारी कभी किसी को किसी काम को मना नहीं करती।तो आस पास वाले भी अपने काम करवाते थे।समय गुजरा  मां गुजर गई। भाई बहन स्कूल … Read more

मामी डाँटती हैं – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

अरे आ गया मेरा लाल नानी के घर से….. माया ने अपने पोते आरव को प्यार से पुचकारते हुए कहा…. । हाँ आ गया दादी ….पर अब वहाँ कभी नहीं जाऊंगा ….मुंह बनाते हुए आरव ने दादी के गले लगते हुए कहा…। अरे क्या हो गया मेरे लाल को ….?? क्यों गुस्सा हो गया नानी … Read more

“सुंदर बहू” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बहू.. हम सभी दिव्या की शादी की खरीदारी करने के लिए बाजार जा रहे हैं तो पीछे से घर का ध्यान रखना और खाने पीने की तैयारी रखना हमें आने में देर हो जाएगी और हां पीछे से टीवी मोबाइल में व्यस्त मत हो जाना या फिर अपने घर वालों से ही फोन पर चिपकी … Read more

अब तो इसके आराम के दिन आए हैं… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

 “ ये क्या माँ फिर तुम्हारे पैरों में दर्द बढ़ गया ….कितनी बार समझाया है तुम कोई मशीन नहीं हो…. जो दिन रात खटती रहती हो….अरे माँ इन दुनिया वाले के लिए तुम  बस एक इंसान हो लेकिन मेरे लिए तुम पूरी दुनिया हो…. क्यों नहीं समझती हो इस बात को…. तुम्हें कुछ हो गया … Read more

मां तो सिर्फ पैसे वाले बेटे की होती है……. – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सुरभि दीदी अभी कहां जा रही हो? बाहर बहुत बारिश हो रही है, अभी अंदर आ जाओ, मीना बाई ने जाती हुई मालकिन को रोका। आप काम करो मै देव दर्शन करके आती हूं,बस पांच मिनट में आ रही हूं, सुरभि स्कूटी स्टार्ट करके जाने लगी। मगर दीदी, इस वक्त सड़क पर बहुत फिसलन है, … Read more

स्वच्छंद परिंदा – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 कितना बदल गया है मुन्ना,अपने बाप का इतना तिरस्कार?कैसे रहूं इसके साथ?प—र- इस उम्र में जाऊं भी तो कहाँ?किसी वृद्धाश्रम में ही जाना ठीक होगा।हां-ये ही ठीक रहेगा।पर कौनसे वृद्धाश्रम में-कैसे पता लगाऊं?ऐसे ही सोचते सोचते शांतिशरण जी की आंख लग गयी।सोते सोते भी सपने में वही मुन्ना का व्यवहार ,घटना चित्रपट के समान तैर … Read more

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