सम्मान – शुभ्रा बैनेर्जी : Moral Stories in Hindi

आज विधि की शादी तय हुई थी।रागिनी अपनी बेटी की शादी तय होने की खुशी में ,एक बड़ी पार्टी देना चाहती थी।आखिर सहेलियों को भी तो पता चले। पार्टी की बात सुनकर विधि ने तपाक से पूछा”पापा को बुलाएंगी ना आप?”तिलमिला उठी थी रागिनी। झिड़कते हुए कहा “पापा,पापा बस पापा।तुझे मुझसे कोई मतलब ही नहीं … Read more

गॉठ – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

मधुरिमा की शादी के तीसरे दिन ही उसकी सास रुक्मिणी बाथरूम में गिर गईं तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कमर से नीचे तक पूरा प्लास्टर चढ़ा होने के कारण उन्हें कम से कम तीन महीने का बेड रेस्ट कह दिया गया। इतना सुनते ही सभी मेहमान जल्दी से जल्दी घर से जाने की … Read more

ना बोलना सीखो – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

बारात में क्या पहनने वाली हो? अलका ने अपनी देवरानी ममता से कहा  वह मैंने इस बार करवा चौथ पर एक साड़ी ली थी, जो मुझे इन्होंने बड़े प्यार से लाकर दी थी वही पहनने वाली हूं, वैसे जीजी आपने तो नई साड़ी ली होगी ना? आखिर देवर की शादी है सबसे बड़ी जेठानी तो … Read more

अपमान से सम्मान तक – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

  सुष्मिता को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि आज उसको इतने बड़े मंच पर उसकी कहानियों के कारण सम्मानित किया जा रहा है ,चारों तरफ तालियों की गूंज से हॉल गूंज रहा था , एक-एक करके सभी साहित्यकार मालायें पहना रहे थे और एक बहुत बड़े फिल्म डायरेक्टर के द्वारा सुष्मिता को शील्ड प्रदान … Read more

सम्मान-श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

जितनी तेजी से ट्रेन पटरियों पर दौड़ी जा रही थी उतनी ही तेजी से सपना भी अपने यादों में खोई जा रही थी। आज से दो साल पहले, जब वह हाथों में ट्रॉफी लिए दौड़े-दौड़े घर पहुँची थी- “माँ, पापा, भैया, भाभी कहाँ हो आप सब? देखो मुझे क्या मिला है।” सपना खुशी से चिल्ला … Read more

सास बहू का रिश्ता – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

सुषमा और उसकी सास  ऊषा जी मिलजुलकर प्रेम से रहती थी। सुषमा एक संस्कारी सुशील लड़की थी। सुषमा की शादी हुए दो साल हो गए थे। उसे परिवार में सबका स्नेह, प्यार, और सम्मान मिल रहा था। उसे ससुराल में अपनापन मिल रहा था, और वह भी सबकी सुख सुविधा का ध्यान रखती थी। सास … Read more

न्यूजपेपर – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सर्द हवाओं ने सबको अपनी गिरफ्त में ले लिया है हाथ पैर नाक कमर सब मानो ठिठुरन की जकड़न में आ गए हैं।धूप भी जैसे ठंड से कोई मित्रता निभा रही है और सूरज की तपन को क्षीण करने के लिए पैतरे बदल बदल कर बुढ़ापे के शरीर को तंग करनेकी साजिश कर रही है। … Read more

बेटी कहे तो बीमारी बहू कहे तो बहाना – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“मम्मी जी आज आप रसोई में क्या कर रही है…?” हैरान हो राशि ने पूछा  “अरे बहू सुन तू भी मेरी थोड़ी मदद कर दे….आठ दस लोगों का खाना बनवाने में मेरी मदद तो कर…!” सास सुलभा जी ने कहा  “ हाँ वो तो ठीक है पर दोपहर का हमारा खाना मैं बना  चुकी हूँ…फिर … Read more

अपमान का बदला – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 विधवा  सुलोचना जी ने अपने इकलौते बेटे अमन की शादी, एक सुंदर पढ़ी-लिखी लड़की संध्या से करवाई थी। संध्या किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी और अमन भी एक बहुत अच्छी पोस्ट पर था। खुद सुलोचना की शिक्षिका थी। वह अब रिटायर हो चुकी थी। उनके घर में गोमती नाम की एक लड़की काम … Read more

*अहम* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      दादा जी-दादा जी,क्या हो गया है आपको?हे भगवान घर मे कोई है नहीं, कैसे दादा जी को संभालू?       अरे हाँ, माँ एक बार कह रही थी कि बच्चे और बुजुर्ग की देखभाल में अंतर नही होता।माँ ने भी दादा की ऐसा ही समझ कर सेवा की थी।अधिक सोच विचार न कर शालू तुरंत अपने पति … Read more

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