Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

वंश वृक्ष – शिव कुमारी शुक्ला देविका जी एवं राजदीप जी बरामदे में कुर्सी डाले सजे-धजे बैठे थे आज उनके पोते की शादी जो थी। पोते ने अपनी पंसद की ड्रेस एवं साड़ी अपने दादा-दादी जी के लिए खरीदी थी। खूब चहल-पहल थी बहुयें बेटियां सजी-धजी, हंसती खिलखिलाती घूम रहीं थीं। ननद भाभी आपस में … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

बदलाव – प्राची अग्रवाल  सुभाष जी अपनी पत्नी को जैसे ही समझाने का प्रयास करते, उनकी पत्नी मीनू एकदम बिखर जाती। बहु-बहु होती हैं, बेटी-बेटी। बहुत फर्क है दोनों में। बहू कभी बेटी नहीं बन सकती और सास कभी माँ। घर का माहौल भी प्रभावित होता उनकी भेद भरी बातों से।  मीनू जी ज्यादा ही … Read more

भाभी – खुशी : Moral Stories in Hindi

निशा एक मस्तमौला लड़की थी। अठारह की हुई तो मां बाप शादी की तैयारी में लग गए। धनंजय का रिश्ता आया जो बैंक में मुलाजिम था उसकी उम्र 27 साल थी घर में मां,भाई बहन थे।पिता की मौत हो जाने के कारण धनंजय पर सारी जिम्मेदारी आ गई।भाई बहन छोटे थे। मां बीमार रहती तो … Read more

*उड़ी चेहरे की रौनक* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 सुन रामदीन,देख तू अपना दोस्त है,इसलिये तुझे आगाह करूँ हूँ, तू अपनी छोरी को संभाल।      क्यूँ क्या हुआ रौनक?मेरी कमली ने ऐसा क्या कर दिया है?       अरे, वो अपने मुंशी जी हैं ना,उसके बेटे से वह नैन मटक्का कर रही है।      गलत,मेरी कमली ऐसा कर ही नही सकती,अरे उसे तो अपनी पढ़ाई से ही फुरसत … Read more

एक नया जीवन – हरीश श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

एक नवम्बर को महेश नारायण रिटायर हो गए और घर आ गए।दस नवम्बर को दीपावली थी और अबकी बार तीनों बच्चे साथ आए।देखकर खुशी के साथ साथ आश्चर्य भी हुआ।अपनी पत्नी कमला से बोले कि जरूर कोई बात है जो बिटिया भी पांच साल बाद आई है। घबराइए नहीं सब पता कर लिया है।फिर वह … Read more

इस बार लड़का ही होना चाहिए – तृप्ति सिंह : Moral Stories in Hindi

इस बार अगर बेटा नही हुआ तब देखना तू ” राजीव ने अपनी पत्नी सुरेखा की बांह को कस कर पकड़े हुऐ दांत पीस कर बोला। सुरेखा और राजीव की शादी को 10 साल बीत चुके थे, शादी के बाद से ही राजीव और उसके परिवार ने सुरेखा पर हमेशा इस बात का दबाव डालते … Read more

भाभी – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

वह मेरी भाभी थी।जबसे भैया उन्हे ब्याह कर के लाए, तब से वह परिवार के लिए समर्पित ही रही।मै चंडीगढ़ में नौकरी कर रहा था एक साल से ।सबकुछ ठीक चल रहा था कि आज भैया ने फोन किया ” तुम्हारी भाभी नहीं रही “।मेरी पत्नी निशा ने तुरंत चलने की तैयारी करने के लिए … Read more

सबका समय एक सा नहीं होता – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“ऐ—- तुम जानते नहीं— मैं किसका बेटा हूं”! अगर उन्हें पता चला कि तू बड़ा इस क्लास में इतराते फिरता है— तो फिर तेरी खैर नहीं•••••• ! विकास सारांश को धमकाते हुए बोला  ।  “मैं तुम्हारे पापा को नहीं जानता••• वैसे वह जो कोई भी हो मैंने कुछ किया ही नहीं तो फिर मुझे क्यों … Read more

मोहरा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

  देख  वासु ….अब मैं तेरा एक नई सुनने वाली …तू शादी करेगा भी या नहीं …मुझे सच सच बता दे…..जब देखो शादी के नाम पर टाल-मटोल करता रहता है….32 साल का हो गया है बुढ़ा हो जायेगा तब शादी करेगा…? सुमित्रा जी ने शिकायत भरे लहजे में अपने बेटे वासु को हिदायत दी…….I             सुमित्रा जी … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

समझौता – रंजीता पाण्डेय प्रिया अपने साथ काम करने वाले लड़के से बहुत प्यार करती थी |उसी से शादी करना चाहती थी |लेकिन  प्रिया के मां पापा तैयार नहीं थे | क्यों की वो लड़का इनकी जाति का नहीं था |प्रिया की मां ने बोला कुछ भी हो जाए अपने  से अलग जाति में  शादी … Read more

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