काश! उसकी बात मान लेती –   विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

  हमेशा की तरह शाम को ठीक 5 बजे चाय का प्याला लेकर कृष्णा जी अपनी बालकनी में बैठी ही थी कि उनकी नज़र साथ वाले मकान के सामने खड़ी ट्रक पर गई।दो लोगों को ट्रक से सामान उतारते देखकर वो बड़ी खुश हुईं।चाय पीते हुए वो सोचने लगी कि नये पड़ोसी से कैसे परिचय किया … Read more

जन्म दिया है तो जिम्मेदारियां भी निभानी होगी – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“आज पूरे 20 दिन बाद बर्न हॉस्पिटल में विद्या को अपने जिंदा होने का एहसास हुआ”। अब वह पहले से काफी ठीक थी– सामने पति प्रभात और अपने माता-पिता ,भाई को देख आंखों से बरबस ही अश्रु धारा निकल पड़े फिर प्रभात की तरफ देखते हुए धीरे से कुछ बोलने की कोशिश की परंतु ४0% … Read more

मुझे माफ कर दो – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 ए सी वाले कमरे में सोते हुए भी प्रतिभा पसीने से तरबतर हो चुकी थी। वह हड़बड़ा कर उठ बैठी,वह बहुत परेशान थी,उफ! फिर वही सपना, वह समझ नहीं पा रही थी कि यह सपना मुझे बार-बार क्यों आता है वह इस सपने से बहुत ज्यादा डर जाती थी हालांकि वह इन बातों पर यकीन … Read more

आंख से गिरना – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

मधु के बेटे की नई -नई शादी हुई थी।शादी का सारा इंतजाम नमिता(,बेटी),ने किया था। निमंत्रण पत्र से लेकर बग्गी,कपड़े, मेकअप,खाना सब नमिता अपनी देखरेख में बनवा रही थी।आखिर उसके इकलौते दो साल बड़े भाई की शादी जो थी।मधु सारा दिन नमिता -नमिता करती रहतीं,और नमिता मिनटों में सब काम निपटा रही थी।घर की पहली … Read more

पछतावे के आसूं – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अरे श्रीधर देर मत कर, जल्दी से आजा। एक बार लड़का देख ले बहुत अच्छा लड़का है। सुंदर, पैसे वाला, एकलौता और क्या चाहिए। मधुलिका के लिए बहुत अच्छा रहेगा। बुआ जी लड़के की प्रशंसा के पुल बांधे जा रही थी।  ठीक है दीदी मैं घर में बात करके आपको बताता हूं। हां, हां कर … Read more

एहसास के परे – खुशी : Moral Stories in Hindi

नेहा आज सुबह से ही परेशान थी।मालती के आते ही उसे काम बताया और बोली मालती वो पीछे वाले कमरे की अच्छे से सफाई करना और बिस्तर पर नई चादर बिछा देना अलमारी साफ करना अच्छे से मैं दिन मे फोन करूजी तो मुझे सब्जी,फल और घर में कुछ खत्म हो तो बताना ।फिर ऑफिस … Read more

स्नेहसूत्र – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

 मायका ! इस नाम का एहसास ही इतना सुखद होता है न कि नाम सुनते ही अधरों पर मुस्कान और दिल में एक उमंग छा जाती है । पर कविता की किस्मत विधाता ने जाने किस कलम से रची थी। उसके  हिस्से में शादी के बाद कभी मायका सुखद एहसास लेकर आया ही नहीं । … Read more

*बबूल का पेड़* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   हैलो-हैलो-मैं कुसुम बोल रही हूं।    हाँ-हाँ, बहन जी मैं रमेश हूं, क्या बात है,आप बड़ी घबराई प्रतीत हो रही हैं?        भाईसाहब आप तुरंत आ जाइये,वीरेंद्र जी को शायद हार्ट अटैक आया है,उन्हें होस्पिटल लेकर जाना है।           रमेश जी तुरंत ही अपनी कार निकाल कर बाहर खड़ी की,और पड़ोस में ही रहने वाले वीरेंद्र जी के … Read more

चोट – बिना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“जब देखो मुझसे बाहर चलने के लिए कहते रहते हो मैंने कहा ना बेटे की शादी से तो मैं फारिग हो गई बस बेटी की शादी और हो जाए उसके बाद मैं आपके साथ फुर्सत से घूमने जाऊंगी” कौशल्या ने अपने पति किशोर से कहा तो किशोर मुस्कुराते हुए बोले “भाग्यवान मुझे तुम्हारी यही बात … Read more

“पश्चाताप” – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

अंश तुम मेरा कल ट्रेन का टिकट करवा दो सुना तुमने,   मैं शाजापुर अपने घर जाना चाह रही हूं यह कहकर राधिका जल्दी-जल्दी अपना सामान पैक करने लगी अंश बोला मां आप अकेली क्या करोगी , नहीं बेटा मैं अब अपना अपमान नहीं सह सकती तुम्हारी बहू सुष्मिता मुझे बात-बात पर ताने मारती है … Read more

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