भिखारी – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi
“कुछ खाने को मिलेगा दो दिन से कुछ भी नहीं खाया है साहब ” भिखारी की आवाज में तड़प सी थी,सुन कर सुंदर दरवाजे पर आया। अरे!” तुम तो जवान हो हट्टे-कट्टे हो कुछ काम क्यों नहीं करते हो। शर्म नहीं आती भीख मांगते हुए तुम्हें” सुंदर बिना रुके बोले जा रहा था। “साहब पानी … Read more