आत्मसम्मान का निर्णय – डॉ ममता सैनी : Moral Stories in Hindi

गाँव की पगडंडियों पर चलते हुए संध्या के कदम डगमगा रहे थे, लेकिन उसके हृदय में एक अदम्य साहस था। वह जानती थी कि आज का दिन उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देगा। संध्या का विवाह पच्चीस साल पहले अनुराग से हुआ था। अनुराग एक शिक्षित व्यक्ति था, लेकिन समाज के पुराने रीति-रिवाजों … Read more

एक फ़ैसला आत्मसम्मान के लिए – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

नलिनी कॉलेज में लेक्चरर थी । उस दिन छुट्टी थी इसलिए कोई हड़बड़ी नहीं थी आदत से मजबूर उस दिन भी उसकी नींद जल्दी ही खुल गई थी । वह उठकर अपने कमरे से बाहर आई तो बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे अब बरसने लगेंगे । वह बरामदे में ही एक … Read more

इसके बाद क्या.… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

पूरे दो साल हो गए थे… अविनाश को अपाहिज हुए… एक हादसे में उसने अपनी दोनों टांगें गंवा दी…व्हीलचेयर पर जिंदगी खींचने को मजबूर अविनाश… अभी सिर्फ 32 साल का ही हुआ था…  तीन साल पहले… बड़ी ही धूमधाम से उसकी शादी अवंतिका से हुई थी… दोनों ने साल भर यहां-वहां घूम कर, खूब मस्ती … Read more

अन्तर्मन की आवाज़ – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

कुमुद वृद्धाश्रम की संचालिका सुशीलाजी के साथ लॉन में बैठी कुनकुनी धूप का आनंद ले रही थी,उसके डाक्टर बेटी, दामाद हर तीसरे माह  वृद्धाश्रम में आकर यहां रहने वाले लोगो का स्वास्थ्य परिक्षण करते हैं,आश्रम की संचालिका सुशीला देवी कुमुद की सखी हैं, इसलिए कुमुद भी उनके साथ आ जाती है।अचानक कुमुद की नज़र सामने … Read more

माँ मेरी पत्नी की जगह अगर आपकी बेटी होती – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुबह के 8:00 बजे थे।अभी-अभी बहू सोनाली के पिता की तेरहवीं रस्म में से लखनऊ से मेरठ तक का लंबा सफर करके आए जानकी जी के बेटा बहु बैठे ही थे, उनकी बहू सोनाली अपनी सास के गले लगकर हिचकियों से रोने लगी। जानकी जी उसे सांतावना देती हुई कहने लगी, अरे जाने वाले को … Read more

एक फैंसला आत्मसम्मान के लिए – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

सावित्री आज दस साल बाद जेल से बाहर निकलती है जैसे ही गेट से बाहर आती है सामने नीली बत्ती वाली गाड़ी उसका इंतजार कर रही होती है। डीएसपी साहिबा और एक लड़की गाड़ी से बाहर निकलती है और आंसुओं से भरी आंखों के साथ सावित्री के सामने खड़ी होकर उसे सल्यूट करके उसके पैर … Read more

मत जाओ प्लीज ! – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

सागर ने नया जॉब नोएडा में ढूंढा था । आज कोलकाता से नोएडा जाने के लिए अपनी पत्नी पंखुड़ी के साथ निकल चुका था । साथ में सागर का छोटा भाई राहुल और बहन राशि भी थे ।  सागर पंखुड़ी की शादी के चार साल हो गए थे, अभी तक कोई बच्चा नहीं था । … Read more

तालमेल – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बड़ी बहू,बड़ी बहू सुन सुन कर मेरे कान पक गए हैं।क्या मैं इस घर की बहू नहीं हूं छोटी हूं तो क्या हुआ मेरा कोई महत्व ही नहीं है।मेरी इच्छा मेरी राय मेरे निर्णय भी हैं।मेरा अधिकार भी इस घर में बराबरी का है हर काम में हर जगह बड़ी बहू बड़ी बहू… अब मेरे … Read more

आत्मसम्मान के साथ मायके आऊंगी। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

अरे!! ये क्या अच्छा भला घर छोड़कर मायके में आकर बैठ गई है, कुछ शर्म भी है या नहीं, बेटी शादी के बाद ससुराल में ही अच्छी लगती है, इस तरह मायके में रहना शोभा नहीं देता है, फिर मायके वाले कब तक तेरा बोझ उठायेंगे? चाची ने तंज कसा और चली गई। सुधा निशब्द … Read more

आत्मसम्मान – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

——————– बेटा यह फैसला मैंने अपने आत्म सम्मान के लिए लिया है।  मेरा संबल तुम्हारे पापा ही है। आज भी उनकी पेंशन आती है और मेरी बीमारी पर मेरा इलाज आराम से हो जाता है । क्या वृद्ध होने पर माता-पिता की बच्चों पर निर्भरता की कीमत उनका आत्मसम्मान है? क्यों वृद्धजन अपना आत्मसम्मान बनाए … Read more

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