नई कार – चांदनी : Moral Stories in Hindi

**** क्या बात है आदि.. पिछले कई दिनों से मानवी नहीं आई अपने घर! मुझे क्या पता.. कहीं बाहर वाहर गई होगी.. अच्छा! पर तुम्हें बिना बताए.. मैंने तुरंत दूसरा सवाल दागा! अब थोड़ा वह झल्ला गया.. मैं क्या उसका सेक्रेटरी हूं.. जो उसके एक एक दिन का हिसाब किताब रखता फिरुं! यह कैसी बेवकूफी … Read more

आत्मसम्मान – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

आज पति को गुजरे लगभग बीस दिन बीत चुके थे। नमिता दीवार पर लगे पति के तस्वीर को सुनी निगाहों से निहार रही थी। उसके दिल दिमाग में झंझावात  सी चल रही थी। उसने उन्हें बचाने के लिए किस- किस को फोन लगाया था नमिता को याद नहीं!!   कुछ बहुत करीबी लोगों ने जिनके वक्त … Read more

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखाई ही नहीं पड़ता है…. – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

दरवाजे पर घंटी बजते ही सभी लोग चौंक गए इतने समय पर कौन आया होगा…  रात के 9:00 बजे थे पंखुड़ी अपने मायके आए हुए थी उसने सबको सरप्राइज दे दिया पंखुड़ी को देखकर सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए हैं.. कि इतनी रात में तुम मायके कैसे आ गई ..पंखुड़ी ने कहा- कि मुझे दिन … Read more

“मां बाप भी स्वार्थी हो सकते हैं” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी.. खाना खा लो 2:00 बज गए, हां बहू.. कितनी बार कहेगी हमें भी पता है! अभी 10:00 बजे हमने दलिए का नाश्ता किया है तुझे खाना बनाने में इतना जोर आता है तो रहने दे हम हमारा खाना खुद बना लिया करेंगे! नहीं मम्मी जी… मैं तो ऐसे ही कह रही थी! दरअसल … Read more

टूटते रिश्ते आज फिर से जुड़ने लगे – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

दीप्ति जैसे ही अपनी सास वसुधा जी के पैर छूने आगे बढ़ी वसुधा जी ने हाथ आगे बढ़ा कर उसे रोक दिया। रहने दो दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं है ।बड़ों की इज्जत मन से होती है जब मन में तुम्हारे हमारे लिए कोई इज्जत नहीं है तो ये पैर छूने का दिखावा क्यों … Read more

रसीली बाई – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 मुन्नी बाई का मशहूर कोठा, और कोठे की आन बान और शान रसीली बाई। वैसे उसका असली नाम रश्मि था लेकिन वह खुद इस नाम को कब का भूल चुकी थी।   हर एक बाई की तरह उसकी भी यही दर्द भरी कहानी थी कि कोई अपना पैसे की  लालच में उसे वहां बेच कर गया … Read more

मैं बहू हूं मां जी काम वाली नहीं….. – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

रागिनी जब भी ससुराल जाती तो उसकी सास का व्यवहार ऐसा होता जैसे वो काम वाली हो, वह सुमित को बोलती ,पर एक बेटे की आंख में मां के प्यार की पट्टी बंधी होती तो वह उसकी कोई बात नहीं सुनता… लेकिन वह सोचती कि कब तक आत्मसम्मान के साथ समझौता करु… उसके मन यही … Read more

” एक फैसला आत्म सम्मान का” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

जैसे ही कॉलेज से नताशा घर आई तो उसकी बड़ी बहन गरिमा और उसके पति दोनों बच्चों के साथ आए हुए थे। उसे देखते ही खुश होते हुए बोले तुम्हारे घर के पास ही अपने किसी परिचित के यहां उनके बेटे के नामकरण संस्कार मेंआए थे तो सोचा तुमसे भी मिलते चलें। हमें नहीं पता … Read more

बिजातीय बड़ी बहू – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

काबेरी जी ने झिझकते हुए अपने बड़े बेटे अजय का नम्बर डायल किया,फोन उनकी बड़ी बहू निकिता ने उठाया, सासूमां की आवाज सुनते ही उसने उनको सादर चरणस्पर्श कहा ,फिर उनकी व ससुरजी की सेहत केबारे में पूछा। हां निकिता ने कहा,जी मांजी बताइए आपने क्यों याद किया आज हम लोगों को वहां सब ठीक … Read more

एक फैसला आत्मसम्मान के लिए – डॉ ममता सैनी : Moral Stories in Hindi

सरकारी अस्पताल के धुंधले गलियारों में, राजीव बेचैनी से बैठा हुआ था, अपने फोन को कसकर पकड़े हुए। उस सुबह ही खबर आई थी—उसके पिता, जो उसके लिए सब कुछ छोड़ चुके थे, को लकवा मार गया था। मुंबई में एक प्रतिष्ठित व्यवसायी बनने के बाद, राजीव ने पिछले पांच वर्षों में अपने माता-पिता को … Read more

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