खुशहाल गृहस्थी – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

छत पर धूप की तरफ अचार की बरनी रखकर अवन्तिका ने बड़ी और पापड़ बनाने की तैयारी शुरू कर दिया । तभी अनिता जी ने छत पर पहुँचकर देखते हुए कहा..ये क्या बहु ? इतने कम क्यों बना रही है , इतने में क्या होगा? दस दिन बाद होली है । इतने तो हमारे घर … Read more

ननद रानी अभी नासमझ है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

शुचि का स्वर थोड़ा तेज हो रहा था, वो अपनी गलती मानने को तैयार ही नहीं थी, आखिर घर की बेटी होकर कैसे घर की बहू से हार मान लें, बहू तो अभी कुछ महीनों पहले आई थी और वो तो यही जन्मी, पली बढ़ी, और इस घर में सालों से उसका ही वर्चस्व रहा … Read more

घमंडी भाभी को ननद ने सिखाया सबक !! – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे कमरे में इस तरह घुसने की और मेरा नेकलेस तुम्हारे हाथ में क्या कर रहा हैं ? प्रिया चिल्लाकर अपनी ननद रागिनी से बोली !! रागिनी बोली भाभी , मैं तो बस आपको मुंह दिखाई की रस्म के लिए बुलाने आई थी , मां ने कहा हैं नीचे सब मेहमान … Read more

‘ननद’ – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

मिथिला की ननद मोहिनी उसकी हम उम्र थी। ननद भाभी के रिश्ते से ज्यादा दोनों प्यारी सखियां थी। दोनों की पसंद,  रहन-सहन, विचार, व्यवहार मेल खाते थे। सबको लगता वे दोनों बहने ही हैं। साईकिल सवार हो दोनों साथ प्रशाला जाती। मिथिला बाहर से ही मोहिनी को पुकारती। जब कभी मोहिनी का भाई आतिश घर … Read more

अब मैं ना नहीं कहूँगी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

बहुत दिनों से चल रहे शीत युद्ध का आज अंत हो गया जब   घर की मुखिया ने अपने पोते के पक्ष में फ़ैसला सुना दिया और जिसे सुनकर राधिका की ख़ुशियाँ थामे नहीं थम रही थी, आज उसकी सास ने बात ही ऐसी कह दी कि जो वो कभी सपने में भी नहीं सोच … Read more

बहू और बेटी में फर्क क्यों? – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

बहु, बहु…सीमा जी की आवाज तेज हुई जा रही थी। आई मांजी, मिनी ने चेतन से खुद को छुडाना चाहा, छोड़िए माँजी बुला रही हैं चेतन, उसका पति: अब तो हमारे पास रुकना भी नही चाहतीं, पहले कैसे रूठ जाती थीं पल भर भी न मिलूं तो। मिनी: हंसते हुए, ज्यादा बातें न बनाइये, डांट … Read more

नया पहलू – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

‘अरे दीदी,आप माँ के पास बैठिए न ! उन संग गपशप कीजिए। यहां किचन में क्यों आ गईं ? मैं सब संभाल लूंगी यहां।’ अपनी ननद कविता को किचन में आया देखकर चेहरे पर प्रेमभरी मुस्कान लिए रिया तुरंत बोली। ‘भाभी, आप दूसरा काम देखें। मैं आपको सब्जियों का मसाला- प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन आदि … Read more

आपने मेरे भाई को अपने वश मे कर लिया है : Moral Stories in Hindi

“सासू माँ आप यह कैसी बात कर रही है??? संजना मेरी छोटी बहन जैसी ही है… मेरी हम उम्र है… मैं भला क्यो उसकी बातों का बुरा मानूँगी ।” “ नहीं बहू … वो घर में सबसे छोटी और सब भाइयों की दुलारी है ना… इसीलिए कभी-कभी ऐसी बातें कह देती है…।” “ कोई बात … Read more

बहू सिर्फ तेरी ननद ही नहीं, मेरी बेटी भी आई है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

बहू, कल सुबह बहुत काम रहेगा, कल तेरी ननद आ रही है, थोड़ा समय से पहले उठ जाना ताकि तन्वी के आने तक सारा काम हो जायेगा, तो हम आराम से साथ में बैठ जायेंगे, ये कहकर साधना जी अपने कमरे में चली आई। नेहा भी सोने जा रही थी, पर अब उसे समझ नहीं … Read more

ननद – खुशी : Moral Stories in Hindi

रौनक एक हैंडसम लड़का था और बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर लगा हुआ था।जिसकी तीन बहने रेना,रीना और रेणु थी। तीनों की शादी हो चुकी थी पर थी एक ही शहर में तो हर दूसरे दिन एक ना एक बहन का आना जाना लगा रहता। क्योंकि घर में मां ही थी।पिताजी  का अभी … Read more

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