टका सा मुंह लेकर रह जाना – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

अरे कहां है आप ?कब से पुकार रही हूं।चाय है कि ठंडी हुई जा रही है।अनिका ने अपने पति अनय को आबाज लगाते हुए कहा और चाय लेकर बरामदे की तरफ आई।आप यहां चहलकदमी कर रहे हैं और मैं गला फाड़कर आपको पुकार रही थी।अनिका ने चाय की प्याली को पास की मेज़ पर रखते … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

” अनु और सुम्मी दो सहेलियाँ थीं।दोंनो गाँव में रहती थीं।अनु के पिता बहुत बड़े जमींदार थे– पचासियों नौकर चाकर उनके यहाँ काम करते थे।धन तो पानी की तरह  खर्च होता था।अनु अकेली बेटी थी और चार भाई थे।सभी बहुत  अच्छे स्वभाव के थे– कभी किसी गरीब का निरादर नही करते हालांकि उनके पास अथाह … Read more

आँसू बन गए मोती – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

“बहुत साल पहले की एक कहानी है– एक गाँव में एक छोटी सी बच्ची सोना रहती थी।सोना अकेली थी।उसका इस भरी दुनिया में कोई नही था।माता-पिता बचपन में ही उसे रोता छोड़कर एक अग्निकांड में जल गए थे। अब वो दस साल की थी– उसने अपने भाग्य को स्वीकार कर लिया था लेकिन उसकी आँख … Read more

रास्ते बदल गए – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

कई दशक पहले की बात है जब आज की तरह नौकरी को इतना महत्व नहीं दिया जाता था। घर में बाग- बगीचा, खेती, कुआं, ट्यूबवेल,ट्रैक्टर जीप गाड़ी….इन सब से अमीरी  की पहचान होती थी। जयचंद्र एक पूंजीपति व्यक्ति थे।  उनकी लगभग 150 बीघा जमीन थी। कई बड़े-बड़े बाग, तालाब, बहुत बड़ी कोठी, घर में नौकर … Read more

हताशा क्यों? – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नीट की परीक्षा उत्तीर्ण ना कर पाने के कारण स्वाति बहुत उदास हो गई थी। कुछ नंबर की ही कमी रह गई वरना पेपर निकल जाता। यह उसका तीसरा प्रयास था उसे पूरी उम्मीद थी कि इस बार क्वालीफाई कर लेगी। ऊपर से समाचारों में नीट की पारदर्शिता पर उठे सवालों से उसका मन और … Read more

मेरी नहीं दीदी की चिंता कीजिए – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

रमा तीन बहन भाइयों में सबसे छोटी थी, उसके पापा एक वर्ष पहले गुजर गए, तब से वह कभी दादी के यहां तो कभी नानी के यहां, ना चाहते हुए भी झूलती रही। बड़ी बहन की शादी हो गई, उस ने स्वयं को सुसराल में खपा दिया। जिससे कोई दहेज का ताना ना मार सके। … Read more

दिखावे की जरूरत नहीं – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

( मुहावरा-टका सा मुँह लेकर रह जाना) राजवीर जी अपने दोस्तों में बहुत ज़्यादा ही चर्चा में रहते थे….आखिर क्यों ना हो उनके बेटा बहू उनका ख़्याल कुछ ज़्यादा ही रखते थे । हर दिन वो सोसायटी के पार्क में पोते पोती कृष और कृषा को लेकर जाते वो दोनों सोसायटी के अन्य बच्चों के … Read more

समाधान – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

अरे केशव आ ना आज बहुत बहुत दिन बाद आया सब ठीक तो है न। तेरे चेहरे पर इतनी उदासी ,क्या हुआ है। अरे रे एक साथ इतने प्रश्न अर्जुन जरा मुझे सांस तो लेने दे।मन उदास था तो अपने मित्र की याद आ गई सोचा चलो चलकर उसी के पास अपना मन हल्का कर … Read more

टका सा मुंह ले कर रह जाना – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधा एक गृहिणी थी और सुबह पति बच्चो के जाने के बाद आस पड़ोस में घुम कर दूसरे के घर में क्या चल रहा है इसकी टोह लेती थी।पहले पहल तो लोग हमदर्दी में और विश्वास से अपनी बाते बताते पर जब वही बाते उन्हें अपने बारे में नमक मिर्च लगी हुई सुनने को मिलती … Read more

आंसू बन गए मोती – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

एक रात माँ को सपना आया कि उसके बेटे की मौत हो जाती है माँ एक दम बदहवास सी होकर उठती है और जोर से भैया का नाम लेकर चिल्लाने लगती है मैं तब पन्द्रह साल की थी मुझसे छोटी तीन और बहनें थी जिनकी उम्र तेरह, ग्यारह और नौ साल थी। चार बहनों के … Read more

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