पति का प्रेम – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

समझ नही आता अम्मा कभी-कभी इतना कड़वा क्यों बोलती है ? किसी बात का सीधे जवाब ही नही देती, पूछो कुछ तो नमक मिर्च लगा के त खेल स्वर में बढ़ा चढ़ा के ही बोलती है। ये सवाल मेरे ही नही हम उम्र सभी लड़कियों के मन में आता है कि क्या इस उम्र तक … Read more

गहने – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

आभूषण की दुकान में गौरी ने आभूषण दिखाते हुए सुमित्रा जी से पूछा….”माँ जी ! ये सारे तो फाइनल हो गए, और कुछ देखना है या बिल बनवाएं ..? सुमित्रा जी ने कहा…”ये तो केतकी (पोता बहु) के गहने हो गए । इसी डिजाइन में थोड़े हल्के एक सेट और ले ले । “एक सेट … Read more

काश तुम समझ पाते! – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

“अभी-अभी तो ऑफिस से आई हो, अब बैग पैक कर कहां चली, मीनल?” दमयंती जी ने बहू के रूम में प्रवेश करते हुए पूछा “मम्मी जी, घर से फ़ोन आया है पापा की तबीयत खराब हो गई है, अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। मम्मी को मैंने कह दिया है कि मैं पहुंच जाऊंगी।” मीनल … Read more

समझौता – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अब नहीं मानसी का आज बारहवीं का परिणाम आया था। उसने अपनी मेहनत से स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उसके पापा गांव में खेती करते थे। इससे आगे पढ़ने की सुविधा गाँव में नहीं थी। सभी गाँव वाले बधाई देने आ रहे थे। मानसी के मम्मी-पापा अपनी बेटी की सफलता पर खुश थे।  … Read more

भोर का उजाला – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

रीतिका के पापा आइये चाय बन गईं। चाय पी लीजिए। कहाँ है? आइये चाय ठंडी हो जाएगी। सुबह सुबह कहाँ चले गए? रीतिका की माँ चाय का कप लिए अपने पति को चाय पीने के लिए ढूंढ रही थी। जब घर मे दिखाई नहीं दिए तो फिर अपने आप मे ही बोलने लगी, पता नहीं … Read more

मूंगफली वाली पनीर – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

“रविवार को एक दिन तो छुट्टी मिल जाती है तुम सबको,पर घर की औरत का जीना दूभर हो जाता है।एक दिन पहले से अपनी फरमाइश की फेहरिस्त बनाकर रख लेते हो,फिर सुबह से नाक में दम कर देते हो।ये दोनों बच्चे भी ना,तुम्हें घर में पाकर जैसे हांथी के पांच पांव देख लेते हैं।मजाल है,मेरी … Read more

बुरा वक्त हमारे जीवन को नयी दिशा दे जाता है – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

जिंदगी में सब-कुछ बड़ा हीं सुखद और सरलता के साथ चल रहा था….  वाणी और मयंक अपनी एकलौती बेटी के साथ जीवन के मजे लेते हुए आगे बढ़ते जा रहे थे…  वैसे तो वो संयुक्त परिवार में रहते थे परंतु अभी केवल घर में मयंक का हीं ब्याह हुआ था…  दो भाई और एक बहन … Read more

समझौता – खुशी : Moral Stories in Hindi

रीना एक निम्न वर्गीय परिवार से संबंध रखती थी।घर में दो भाई बहन मां बाप सब थे। बाप दिना नाथ एक चपरासी की नौकरी करता था।मां घर घर बर्तन मंlजा करती थीं। रीना सबसे बड़ी थी और देखने में भी सुंदर थी तो मोहल्ले के लड़के उस पर फब्तियां कसते रहते थे। शुरु शुरू में … Read more

बुरा वक्त – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

हमारा बुरा वक्त हमारे जीवन को नई दिशा दे जाता है देखो ना आज ही स्कूल से प्रिंसिपल का फोन आया था मुझसे पूछ रही थी कि निशि अब तुम कब ज्वाइन करोगी? अच्छा! हंसते हुए विनय ने पूछा फिर तुमने क्या कहा? अरे कैसे ज्वाइन कर सकती हूं? अब तो मेरा यही काम कितना … Read more

माधवी – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

    आफिस से आते ही रमण दरवाजे पर ताला देख झुंझला उठा,” यह कोई समय है…ताला बंद कर बाहर तफरी करने का… माधवी भी न।”    रमण  बैग उलट-पुलट कर चाभी ढूंढने लगा… नहीं मिला…जेब में भी नहीं मिला… थका-हारा इंसान…इस समय कहां जाये… आज ही पैंट चेंज किया था लगता है चाभी उसी में रह गई। … Read more

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